
Exclusive: 2 हजार का बॉडी बैग 6800 में खरीदा, ज्यादा कीमतों पर खरीदी दवाइयां, BMC कोविड सेंटर घोटाले में बड़े खुलासे
AajTak
ईडी की जांच में ये भी सामने आया है कि लाइफलाइन जंबो कोविड सेंटर में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती BMC की बिलिंग में दिखाई गई तैनाती से 60-65% कम थी. बिलिंग के लिए कंपनी उन डॉक्टरों के नाम उपलब्ध कर रही थी, जो लाइफलाइन जंबो कोविड सेंटर के संबंधित कोविड केंद्रों पर गलत तरीके से काम कर रहे थे.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के कोविड सेंटर घोटाले के मामले में कई जगहों पर छापेमारी की है. ईडी की जांच में बड़ा घोटाला सामने आया है. जांच में गया है कि 2000 रुपये का बॉडी बैग 6800 में खरीदी गई. यह कॉन्ट्रैक्ट बीएमसी के तत्कालीन मेयर के निर्देश पर दिया गया था.
ED की जांच में सामने आया है कि बीएमसी ने कोविड की जो दवाएं खरीदी थीं, वह बाजार में 25 से 30 फीसदी तक सस्ती थी. मतलब BMC ने बहुत ज्यादा दामों पर कोरोना की दवाओं की खरीद की थी. हैरानी की बात ये है कि इस तरह के नोटिस जारी होने के बाद भी बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने लापरवाही की.
सूत्रों में मुताबिक ईडी की जांच में ये भी सामने आया है कि लाइफलाइन जंबो कोविड सेंटर में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती BMC की बिलिंग में दिखाई गई तैनाती से 60-65% कम थी. बिलिंग के लिए कंपनी उन डॉक्टरों के नाम उपलब्ध कर रही थी, जो लाइफलाइन जंबो कोविड सेंटर के संबंधित कोविड केंद्रों पर गलत तरीके से काम कर रहे थे या फिर काम ही नहीं कर रहे थे.
एक अधिकारी ने कहा कि ईडी ने महानगर में जंबो कोविड केयर सेंटर की स्थापना में अनियमितताओं की जांच को लेकर गुरुवार को मुंबई नागरिक निकाय के केंद्रीय खरीद विभाग में पड़ताल की. अधिकारी ने बताया कि ईडी की टीम ने बीएमसी के सेंट्रल पर्जेस डिपार्टमेंट यानी CPD पहुंची. इस दौरान सुजीत पाटकर के साथ ही तीन अन्य भागीदारों से संबंधित फर्म को दिए गए टेंडर और कॉन्ट्रैक्ट से संबंधित डॉक्यूमेंट्स की जांच की गई.
ईडी ने बुधवार को कोविड घोटाले के मामले में जो छापेमारी की थी, उसमें भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है. जानकारी के मुताबिक करीब 150 करोड़ की 50 से अधिक अचल संपत्तियों के डॉक्यूमेंट्स, 15 करोड़ रुपये की ज्वैलरी, मोबाइल फोन, लैपटॉप आदि जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और विभिन्न आपत्तिजनक रिकॉर्ड/दस्तावेजों के साथ 2.46 करोड़ रुपये जब्त किए गए है. ईडी ने बुधवार को पाटकर के आवास सहित 15 स्थानों की तलाशी ली थी. बता दें कि सुजीत पाटकर को शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का करीबी माना जाता है.
अधिकारियों ने बताया कि जिन अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई है. उनमें IAS के अधिकारी संजीव जयसवाल और शिव सेना (यूबीटी) के पदाधिकारी सूरज चव्हाण से जुड़ी साइटें भी शामिल हैं. मुंबई पुलिस ने पिछले साल अगस्त में पाटकर और उनके तीन भागीदारों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया था.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










