
Dussehra 2021: रावण के पुतले का ही दहन क्यों होता है? कंस या अन्य किसी राक्षस का क्यों नहीं, जानें बड़ी वजह
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Dussehra 2021: प्रतिवर्ष दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है. इसके पीछे की मुख्य वजह क्या है. मान्यता है कि असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में ये परंपरा शुरू हुई. दशहरे के दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था. इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्ट कंस का भी वध किया था. इसी प्रकार भगवान विष्णु के कई अवतार हुए और दुष्टों के संहार का क्रम चलता रहा, लेकिन रावण के पुतले के दहन के पीछे की बड़ी वजह है.
Dussehra 2021: दशहरे के दिन रावण का पुतला दहन करने की परंपरा है. हालांकि कई जगह रावण की पूजा भी होती है और दहन नहीं होता है. दशहरा के दिन भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी. दशहरे के दिन ही नवरात्रि की समाप्ति होती है. इसी दिन देवी मां की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं. अब सवाल ये उठता है कि रावण के ही पुतले का दहन क्यों होता है, जबकि बुराई पर अच्छाई की जीत के कई और उदाहरण भी हैं. कंस वध हो या फिर कोई अन्य शक्तिशाली राक्षस का अंत. तो आइये ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय से जानते हैं इसके पीछे की मुख्य वजह.

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