
Delhi Lockdown: कैब-मेट्रो, होम डिलिवरी से दुकान तक, जानें 6 दिन की 'तालाबंदी' से जुड़ी हर जरूरी बात
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दिल्ली में हर दिन 25 हजार के करीब मामले आ रहे हैं, जिसकी वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. दिल्ली के कई अस्पतालों में आईसीयू बेड्स नहीं हैं, कहीं पर ऑक्सीजन की कमी है. इस महासंकट के बीच दिल्ली में एक बार फिर लॉकडाउन लगा दिया गया है.
देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त कोरोना वायरस की ताजा लहर से जूझ रही है. दिल्ली में हर दिन 25 हजार के करीब मामले आ रहे हैं, जिसकी वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. दिल्ली के कई अस्पतालों में आईसीयू बेड्स नहीं हैं, कहीं पर ऑक्सीजन की कमी है. इस महासंकट के बीच दिल्ली में एक बार फिर लॉकडाउन लगा दिया गया है. ये लॉकडाउन सोमवार (आज) रात 10 बजे से अगले सोमवार सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा. एक हफ्ते के इस लॉकडाउन में क्या-क्या नियम लागू होंगे, क्या खुला रहेगा और कहां पर छूट मिलेगी. दिल्ली सरकार के आदेशानुसार समझें... - दिल्ली में 19.04.2021 (सोमवार) रात 10 बजे से 26.04.2021 (सोमवार) सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन लगाया गया है. - केंद्र सरकार के मंत्रालयों और दफ्तरों में काम करने वाले अफसरों को लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने की छूट रहेगी. (आईडी कार्ड दिखाना होगा) - स्वास्थ्य, पुलिस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस, फायर सर्विस, पानी, सफाई, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कोरोना संबंधी काम से जुड़े हुए लोगों को भी लॉकडाउन के दौरान छूट रहेगी (आईडी कार्ड दिखाना होगा) - सभी जजों, वकीलों, अदालत में काम करने वाले लोगों को छूट मिलेगी. (आईडी कार्ड, एंट्री पास, परमिशन दिखानी होगी) - सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स, स्टाफ को बाहर जाने की छूट. अस्पताल, लैब, मेडिकल ऑक्सीजन सप्लायर और इसी क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों को भी बाहर जाने की छूट (आईडी कार्ड दिखाना होगा) - कोरोना का टेस्ट करवाने जाने वाले, वैक्सीन लगवाने जाने वाले लोगों को भी छूट (आईडी कार्ड दिखाना होगा) - एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन आने/जाने वाले लोगों को बाहर जाने की छूट. (आईडी कार्ड दिखाना होगा) - मीडिया से जुड़े लोगों को बाहर जाने की छूट (आईडी कार्ड दिखाना होगा) - एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले वाहनों को रोक-टोक नहीं. (आईडी कार्ड दिखाना होगा)
युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.

मेट्रो की छत फाड़कर नीचे निकला बोरवेल... 100 फीट नीचे बनी सुरंग में हुआ 6 इंच का छेद, ठेकेदार पर केस
पुणे के शिवाजी रोड इलाके में एक निजी बोरवेल की खुदाई के दौरान पुणे मेट्रो की भूमिगत सुरंग में छेद होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस लापरवाही ने न केवल करोड़ों की मेट्रो परियोजना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे दिया था.








