
Delhi Crime: दुकानदार ने नहीं लिया 500 का फटा नोट, 25 बार चाकू घोंपकर की हत्या, 4 नाबालिग डिटेन
AajTak
शाहनवाज ने न केवल नोट चलाने से इनकार किया, बल्कि दुकान पर आए लड़कों को वहां से भगा दिया. इस दौरान शाहनवाज और नाबालिग लड़कों के बीच कहासुनी हुई. चारों नाबालिगों ने इस बात का बदला लेने के प्लान बनाया और गुरुवार रात को मौका देखकर शाहनवाज पर चाकू से हमला कर दिया. इन चार आरोपियों में से दो नवीं क्लास, तीसरा आठवीं और चौथा ग्यारहवीं कक्षा का छात्र है.
राजधानी दिल्ली में एक दुकानदार की हत्या के आरोप में 4 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है. इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने दुकानदार को सिर्फ इसलिए जान से मार दिया क्योंकि उसने उनसे 500 रुपए का फटा नोट लेने से मना कर दिया था.
पुलिस के मुताबिक मामला दिल्ली के भजनपुरा इलाके का है. यहां ग्रॉसरी शॉप चलाने वाले शाहनवाज के पास गुरुवार शाम करीब 8.30 बजे सभी आरोपी आए और चाकू से 25 से ज्यादा वार कर शाहनवाज को मौत के घाट उतार दिया. मृतक के हाथ, सिह और सीने पर चाकू के निशान पाए गए थे.
शुरुआती जांच में ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इससे चारों आरोपियों की पहचान हो गई. पुलिस ने चारों को हिरासत में सख्ती से पूछताछ की. जांच में पता चला की आरोपी एक फटा नोट लेकर दुकानदार शाहनवाज के पास पहुंचे थे. लेकिन शाहनवाज ने नोट चलाने से इनकार कर दिया.
शाहनवाज ने न केवल नोट चलाने से इनकार किया, बल्कि दुकान पर आए लड़कों को वहां से भगा दिया. इस दौरान शाहनवाज और नाबालिग लड़कों के बीच कहासुनी हुई. नाबालिगों ने इस बात का बदला लेने के प्लान बनाया और गुरुवार रात को मौका देखकर शाहनवाज पर चाकू से हमला कर दिया.
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू और चोरी की दो स्कूटी बरामद कर ली है. पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए चाकू रखते थे और लोगों को डराया धमकाया करते थे. इन चार आरोपियों में से दो नवीं क्लास, तीसरा आठवीं और चौथा ग्यारहवीं कक्षा का छात्र है.
पुलिस के मुताबिक, मृतक शाहनवाज (30) मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले थे. परिवार के साथ भजनपुरा के सुभाष मोहल्ला में रहते थे. वहीं पास में ग्रॉसरी की दुकान चलाते थे. शाहनवाज की हत्या के बाद से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. शाहनवाज के परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं. वहीं, बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले भी मृतक के जीजा पर भी चाकुओं से हमला हुआ था जिसमें उसकी जान बाल-बाल बची थी.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









