
Delhi: क्या आजम को मिलेगी जमानत, रोडरेज केस में बढ़ेगी सिद्धू की सजा? SC में दोनों मामलों पर फैसला आज
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सुप्रीम कोर्ट ने इसी हफ्ते यूपी के पूर्व मंत्री की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था. वहीं नवजोत सिद्धू पर 34 साल पुराने एक रोडरेज के मामले में कोर्ट फिर से फैसला सुनाएगा.
सुप्रीम कोर्ट में आज यानी गुरुवार को दो नेताओं से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में फैसला आना है. एक मामला नेता सपा विधायक आजम खान से जुड़ा है तो दूसरा पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़ा है. यूपी के पूर्व मंत्री और सपा नेता आजम खान की जमानत पर सुबह साढ़े दस बजे जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवाई और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ फैसला सुनाएगी. वहीं सिद्धू के मामले में पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर उनकी सजा बढ़ाने की अपील की थी.
आजम की जमानत पर सुरक्षित रख लिया था फैसला
सुप्रीम कोर्ट में आजम खान ने अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी. कोर्ट ने इसी हफ्ते आजम की जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी करते हुए फैसला रिजर्व किया था. वहीं कोर्ट ने यूपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा था कि आजम को एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरा मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल में ही रहना पड़ता है. क्या यह संयोग है कि उन पर 87 मुकदमों दर्ज किए गए हैं?
SC ने सिद्धू पर लगाया था 1 हजार रुपये का जुर्माना
1988 में पटियाला में पार्किंग को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू का झगड़ा हुआ था. उसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी. इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया था. इस फैसले से असंतुष्ट पीड़ित परिवार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सिद्धू की सजा बढ़ाने की अपील की है.
सिद्धू के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दलील दी थी कि यह 34 साल पुराना मामला है. इसमें दोषसिद्धि पर रोक सुप्रीम कोर्ट ने ही लगाई थी. तब सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत विस्तृत आदेश भी पारित किया था, लिहाजा अब उसे चुनौती देने का कोई मतलब नहीं है.

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