
Covid-19: Remdesivir पर WHO की रोक, प्रीक्वालिफिकेशन लिस्ट से हटाया
Zee News
WHO suspended Remdesivir: गौरतलब है कि WHO के दावों के उलट भारत समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर का इस्तेमाल किया जा रहा है. देश में गंगा राम अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर भी इसके प्रभावी होने की क्षमता पर सवाल उठा चुके हैं.
नई दिल्ली: देश और दुनिया में कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के बीच रेमडेसिविर (Remedesivir) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. देश में काफी समय तक रेमडेसिविर को कोरोना का कारगर इलाज माना गया. भारत में कोविड-19 (Covid-19) मरीजों के इलाज में तो इस रेमडेसिविर का जमकर इस्तेमाल हुआ. कहा गया कि इसकी वजह से कोरोना पीड़ितों की जान बच रही है. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस रेमडेसिविर इंजेक्शन को कोरोना मरीजों के इलाज से जुड़े प्रोटोकॉल की सूची से हटा दिया है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक WHO ने इस इंजेक्शन को कोरोना मरीजों के इलाज से जुड़ी सूची से सस्पेंड कर दिया है. यानी वैश्विक संस्था ने रेमडेसिविर को अपनी प्रीक्वालिफिकेशन सूची से हटा दिया है. ये फैसला लेने से पहले WHO ने कोविड मरीजों के इलाज के दौरान इसके इस्तेमाल को लेकर चेतावनी भी जारी की थी.
US Air Force B-1B Lancer bombers: B-1B लांसर बॉम्बर्स की तैनाती प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने की तैयारी में है. इसका मुख्य कारण इन विमानों में Long Range Anti-Ship Missile (LRASM) का शामिल किया जाना है. इससे इन्हें दुश्मन के समुद्री बेड़े पर हमला करने की बड़ी क्षमता मिलती है. अमेरिका B-1B बॉम्बर्स को चीन के तेजी से बढ़ते सतह युद्धपोत बेड़े के मुकाबले एक असमान रणनीतिक हथियार के तौर पर देख रहा है.

F-15 Eagle fighter jet: आवाज की रफ्तार से भी तेज और मौत की तरह सटीक, यह एक ऐसे लड़ाकू विमान की कहानी है जिसने आज तक हार का स्वाद नहीं चखा. जब यह आसमान में निकलता है, तो दुश्मन के रडार कांपने लगते हैं और उसके पायलटों के पास केवल भागने का रास्ता बचता है. साल 2025 तक के इतिहास में इस विमान ने 100 से ज्यादा हवाई मुकाबले किए हैं और हर बार यह विजेता बनकर ही लौटा है.

