
Corona Booster Shots: भारत में क्या सभी लोगों को लगेगी बूस्टर डोज? NTAGI की आज बड़ी मीटिंग
AajTak
Corona Booster Shots: बूस्टर डोज क्या सभी लोगों को लगेगी? इसपर आज बुधवार को फैसला हो सकता है. National Technical Advisory Group on Immunization (NTAGI) इसपर अहम बैठक करेगा.
कोरोना वायरस (Corona in India) पर केंद्र सरकार 'अंतिम प्रहार' को मंजूरी दे सकती है. इसमें सभी व्यस्कों (18 साल से ऊपर के लोग) को कोविड बूस्टर डोज (Corona virus booster shots) लगाने की मंजूरी मिल सकती है. जानकारी के मुताबिक, आज बुधवार को दोपहर 3 बजे NTAGI की मीटिंग होगी, इसमें बूस्टर डोज पर चर्चा होगी.
भारत में कोविड केस भले ही कम हो रहे हैं लेकिन एशियाई देश जैसे साउथ कोरिया, चीन और इजरायल के साथ-साथ यूरोप के कई देशों में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए बूस्टर डोज जरूरी की जा सकती है.
बूस्टर डोज किसे लगाई जा रही?
अभी भारत में हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ-साथ 60 साल के ऊपर के लोगों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है. भारत में इसे एहतियाती खुराक (precaution dose) कहा गया है. भारत में 10 जनवरी से बूस्टर डोज लगानी शुरू की गई थी. अबतक 2 करोड़ बूस्टर डोज लगाई जा चुकी हैं.
यह भी पढ़ें - कई देशों में टेंशन बढ़ा सकते हैं कोरोना के हाइब्रिड वैरिएंट, WHO ने इस बड़े खतरे को लेकर चेताया
भारत में फिलहाल जो कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही हैं, उनकी कुल दो खुराक (डोज) लगवानी होती हैं. कोवैक्सीन, कोविशील्ड आदि वैक्सीन की दोनों खुराकों के बीच का गैप अलग-अलग है. बूस्टर डोज की बात करें तो यह एक तरह से तीसरी खुराक है, जो कोरोना को मात देने में काम आएगी.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










