
BJP में एंट्री से पहले जितिन ने SP में भी तलाशे थे अवसर! लल्लू बोले-वो संघर्ष जानते ही नहीं
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अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जितिन प्रसाद ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है. वह कुछ दिनों पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लखनऊ में मिले थे. अखिलेश के साथ उन्होंने मीटिंग भी की थी, लेकिन अब भाजपा चले गए इससे उनके राजनीतिक चरित्र का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले जितिन प्रसाद ने कांग्रेस का साथ छोड़कर बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया है. कहा जा रहा है कि, जितिन प्रसाद बीजेपी की सदस्यता ग्राहण करने से पहले समाजवादी पार्टी में अपना सियासी भविष्य तलाशने के लिए कुछ दिन पहले अखिलेश यादव से भी मिले थे. सपा के साथ उनकी बात नहीं बनी तब बीजेपी के साथ उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी बढ़ाने का फैसला किया. जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जितिन प्रसाद को कांग्रेस ने क्या कुछ नहीं दिया. इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है. साथ ही अजय लल्लू ने बताया कि जितिन प्रसाद कुछ दिनों पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लखनऊ में मिले थे. अखिलेश के साथ उन्होंने मीटिंग भी की थी, लेकिन अब भाजपा चले गए इससे उनके राजनीतिक चरित्र का अंदाजा लगाया जा सकता है. वो संघर्ष जानते ही नहीं है, उन्हें सड़क पर उतरकर लोगों के लड़ाई लड़ते किसी ने देखा है. वहीं, सपा सूत्रों की मानें तो पिछले डेढ़ महीने से जितिन प्रसाद समाजवादी पार्टी में आने की कोशिश कर रहे थे, जिसके लिए उन्होंने संदेश भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पहुंचाया था. सपा उन्हें पार्टी में शामिल करना चाहती थी, लेकिन बहुत ज्यादा उत्सुक नहीं थी. इसके पीछे असल वजह यह थी कि जितिन प्रसाद खुद के साथ-साथ शाहजहांपुर, लखीमपुरखीरी और सीतापुर सहित कई जिलों के अपने करीबी नेताओं को भी अडजेस्ट कराना चाहते थे, जिस पर अखिलेश यादव राजी नहीं हुए.
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