
Ayodhya: रामलला के भक्तों के लिए खुशखबरी, राम मंदिर निर्माण की Exclusive तस्वीरें आईं सामने, ऐसा दिखेगा गर्भगृह
AajTak
यूपी के अयोध्या में राम मंदिर बनने का भक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अब मंदिर निर्माण कार्य की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आई हैं. यह तस्वीरें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जारी की हैं. इनमें देखा जा सकता है कि मंदिर किस तरह बन रहा है और गर्भगृह कैसा नजर आएगा.
Ayodhya Ram Mandir Exclusive Photos: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में चल रहे राम मंदिर निर्माण कार्य की एक्सक्लूसिव तस्वीरें सामने आई हैं. श्री राम जन्मभूमि मंदिर किस तरह बन रहा है, इसकी ताजा तस्वीरें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जारी की हैं. इन तस्वीरों में मंदिर का निर्माण कार्य किस तरह चल रहा है, गर्भगृह का निर्माण कैसे हो रहा है, इसको प्रदर्शित किया है.
बता दें कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर आर्किटेक्ट और निर्माण शैली का अद्भुत संगम होगा, जिसमें एक बड़ी भूमिका अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की भी होगी. इस समन्वय से इस तरह का ऐसा अद्भुत दृश्य दिखाई देगा, जिसमें खुद सूर्य देवता रामलला का अभिषेक करते नजर आएंगे. इसी के साथ श्री राम जन्मभूमि परिसर की 70 एकड़ भूमि में 20 एकड़ पर निर्माण कार्य होगा.
मंदिर परिसर की 50 एकड़ भूमि पर फैली हरियाली के बीच रामायण कालीन ऐसे वृक्ष दिखाई देंगे, जिनका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में भी मिलता है. इसके लिए भी शोध कार्य चल रहा है कि उस समय के कितने पेड़ पौधों को श्री राम जन्मभूमि परिसर में उगाया जा सकता है. श्री राम जन्मभूमि मंदिर जब पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा तो उसके आसपास का दृश्य पूरी तरह अद्भुत और राममय होगा.
अयोध्या में रामनवमी को जिस समय भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, उस समय खुद भगवान सूर्य रामलला का अभिषेक करेंगे. इसके लिए आर्किटेक्ट इस तरह की व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे उस समय सूर्य की किरण सीधे भगवान रामलला के मुखारबिंदु यानि मस्तक को प्रकाशित करें. इसीलिए इस काम में आर्किटेक्ट के साथ-साथ अंतरिक्ष वैज्ञानिक भी सहयोग कर रहे हैं.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









