
Aaj Ki Taza Khabar: पढ़ें 26 दिसंबर 2025 की सुबह की टॉप खबरें और अन्य समाचार
AajTak
उत्तर भारत में घने कोहरे की वजह से रेल के साथ सड़कों पर भी यातायात प्रभावित हो रहा है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के मनाली में क्रिसमस के मौके पर हज़ारों सैलानियों ने पहुंचकर जश्न मनाया.
आज की ताजा खबर (Aaj Ki Taza Khabar), 26 दिसंबर, 2025 की खबरें और समाचार: उत्तर भारत में घने कोहरे की वजह से रेल के साथ सड़कों पर भी यातायात प्रभावित हो रहा है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के मनाली में क्रिसमस के मौके पर हज़ारों सैलानियों ने पहुंचकर जश्न मनाया. पढ़ें शुक्रवार सुबह की 10 बड़ी खबरें.
उत्तर भारत में घने कोहरे ने थामी रेल की रफ्तार, राजधानी एक्सप्रेस सहित दर्जनों ट्रेनें घंटों लेट
उत्तर भारत में घने कोहरे की वजह से रेल के साथ सड़कों पर भी यातायात प्रभावित हो रहा है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) से गुज़रने वाली दर्जनों ट्रेनें शुक्रवार को भी कई-कई घंटे लेट चल रही हैं. रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि सफर शुरू करने से पहले वे अपने ट्रेन का लेटेस्ट स्टेटस ज़रूर चेक करें.
PM मोदी का कार्यक्रम खत्म होते ही गमलों की मच गई लूट, टूट पड़े लोग- VIDEO
लखनऊ में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल से सजावटी गमले चोरी करने का वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में LDA और नगर निगम द्वारा लगाए गए गमले लोग उठाकर ले जाते दिख रहे हैं. कुछ लोग इन्हें हाथ में लेकर तो कुछ दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर लादकर ले जाते दिखाई दिए.
हिमाचल में क्रिसमस का धमाल... मनाली में उमड़े सैलानी, अलग-अलग राज्यों से पहुंचीं 3000 से ज्यादा गाड़ियां

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






