
74 साल, 18 चुनाव... बिहार में आजादी के बाद से वोटिंग पैटर्न और कम-ज्यादा मतदान से कैसे बदलते रहे नतीजे
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आजादी के बाद बिहार में पहली बार 1951 में विधानसभा चुनाव हुए. इस तरह पिछले 74 सालों में 18 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. एक चरण से लेकर छह चरण में चुनाव हुए है, जिसमें कम वोटिंग और ज्यादा मतदान का असर नतीजे पर भी पड़ा है. इस बार वोटिंग के सारे रिकार्ड टूट गए हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव का मतदान हो चुका है और अब बारी नतीजे की है. इस बार दो चरण में चुनाव हुए हैं, जिसमें 6 नवंबर को पहले चरण की 121 सीट पर 65.08 फीसदी मतदान रहा था तो मंगलवार को दूसरे चरण की 122 सीट पर 68.74 फीसदी मतदान हुआ है. इस तरह बिहार में कुल 66.91 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो आजादी के बाद से अब तक के सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड बन गया है.
बिहार के सियासी इतिहास को देखें तो 1951 से विधानसभा चुनाव की शुरुआत होती है. इन 74 सालों में बिहार में 18 बार चुनाव हुए हैं, जो एक चरण से लेकर छह चरण तक हुए हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में वोटिंग हुई है.
2020 में बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर कुल 57.29 फीसदी मतदान रहा था, जबकि 2025 में कुल 66.91 फीसदी वोटिंग रही. आजादी के बाद पहली बार इतना मतदान बिहार में हुआ है. यही नहीं, पुरुषों की तुलना में महिलाओं का वोटिंग ज्यादा रही. इस 1952 से लेकर 2025 तक बिहार में कितने चरणों में चुनाव हुए और क्या वोटिंग पैटर्न रहे?
आजादी के बाद पहली बार बिहार में चुनाव
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