
54 फीसदी लोगों के मुताबिक हर्षवर्धन को बलि का बकरा बना गया, महामारी के लिए अकेले वह जिम्मेदार- सर्वे
ABP News
कोरोना की स्थिति के लिए हर्षवर्धन की व्यापक रूप से आलोचना की गई क्योंकि स्वास्थ्य मंत्रालय को कोविड की स्थिति और वैक्सीन प्रशासन के प्रबंधन के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में देखा जाता है.
नई दिल्ली: पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को कैबिनेट से बाहर किए जाने की बात ज्यादातर लोगों को रास नहीं आई है. आईएएनएस सी वोटर पोल के अनुसार, आधे या 54 फीसदी से ज्यादा जवाब देने वाले लोगों ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान लोगों को हुई कठिनाइयों के लिए हर्षवर्धन अकेले जिम्मेदार नहीं हैं. उन्हें बस बलि का बकरा बनाया जा रहा है. हालांकि, 29 फीसदी लोग हालांकि इस धारणा से असहमत थे. सर्वे के नमूना का आकार 1200 है और यह सभी क्षेत्रों में वयस्क उत्तरदाताओं के साथ इंटरव्यू पर आधारित है. क्या बढ़ती तेल कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद?नए मंत्रियों के आने के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी भी तरह की राहत की उम्मीद कम है. 55 फीसदी लोगों ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री को हटाने और हरदीप पुरी को इस पद पर नियुक्त करने से पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक नहीं लगेगी जबकि 34 फीसदी मानते हैं कि इस पर रोक संभव है.More Related News

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