
5 राज्य और 10 साइट: आखिर नामीबिया के चीतों के लिए क्यों चुना गया MP का कूनो नेशनल पार्क?
AajTak
2010 और 2012 के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में दस साइटों का सर्वेक्षण किया गया. बाद में, यह पाया गया कि कुनो ही चीतों के लिए सबसे सही और सुरक्षित जगह है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक कूनो नेशनल पार्क में 21 चीतों के रहने की जगह है. अगर सही प्रबंधन किया जाए तो यहां पर 36 चीते रह सकते हैं.
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर यानी आज नामीबिया से 8 चीते लाए गए हैं. इस मेगा इवेंट पर देश-दुनिया की नजर है, क्योंकि चीतों की इस तरह की पहली शिफ्टिंग है. मध्य प्रदेश के विशाल वन मंडल के 748 वर्ग किलोमीटर में फैला कूनो पालपुर नेशनल पार्क जल्द ही आठ अफ्रीकी चीतों का नया घर होगा. यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के कोरिया के साल जंगलों से मिलता जुलता है. बता दें कि कोरिया में लगभग 70 साल पहले मूल एशियाई चीता को आखिरी बार देखा गया था.
ऊंचाई वाले स्थानों, तटीय और पूर्वोत्तर क्षेत्र को छोड़कर, भारत का मैदानी इलाका चीतों के रहने के लिए सही माना जाता है. इन जंगली जानवरों को लाने से पहले भारत के कई इलाकों पर विचार किया जा रहा था कि इन्हें कहां रखा जाए? 2010 और 2012 के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में दस साइट्स का सर्वेक्षण किया गया. बाद में यह पाया गया कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बना कूनो राष्ट्रीय उद्यान ही चीतों के लिए सबसे सही और सुरक्षित जगह है.
यह भारतीय वन्यजीव संस्थान और भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट (WTI) की ओर से जलवायु चर, शिकार घनत्व, प्रतिस्पर्धी शिकारियों की आबादी और ऐतिहासिक सीमा के आधार पर किए गए आकलन के आधार पर चीतों के लिए सबसे सही स्थान माना गया.
चीता यूं तो खूंखार जानवर है. लेकिन माना जाता है कि चीते मनुष्य को कम ही नुकसान पहुंचाते हैं. मनुष्य और बड़े पशुओं पर बहुत ही कम हमला करते हैं. वे छोटे जानवरों का शिकार करना ज्यादा पसंद करते हैं.
बता दें कि चीता धरती पर सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर है. कूनो नेशनल पार्क में कोई इंसानी बस्ती या गांव नहीं है और न ही खेती-बाड़ी. चीतों के लिए शिकार करने लायक बहुत कुछ है. यानी चीता जमीन पर हो या पहाड़ी पर, घास में हो या फिर पेड़ पर, उसे खाने की कमी किसी भी हालत में नहीं होगी.
कूनो नेशनल पार्क में सबसे ज्यादा चीतल मिलते हैं, जिनका शिकार करना चीतों को पसंद आएगा. चीतल, हिरण की प्रजाति चीता, बाघ और शेरों के लिए बेस्ट प्रे बेस माना जाता है. कूनो नेशनल पार्क में पहले करीब 24 गांव थे, जिन्हें समय रहते दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया. इन्हें कूनो नेशनल पार्क के 748 वर्ग किलोमीटर के पूर्ण संरक्षित इलाके की सीमा से बाहर भेज दिया गया.

जंगल में बंदरों के साथ क्रूरता... गले और जबड़े में धंसे मिले नुकीले तीर, आरोपियों पर 25 हजार का इनाम
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित येऊर जंगल में दो बंदरों को तीर मारकर घायल कर दिया गया. यह मामला सामने आया तो खबर वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंची. अब इस मामले को लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर तीन टीमें गठित की गई हैं. वहीं आरोपियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए 25,000 का इनाम घोषित किया गया है.

डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका की सत्ता में काबिज होने के बाद से ही दुनिया उनके लिए गए बड़े फैसलों से दो-चार हो रही है. इसमें रेसिप्रोकल टैरिफ, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बंधक बनाए जाने, नोबल पुरस्कार या इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले का हालिया फैसले शामिल है. कुल मिलाकर दुनियाभर में राष्ट्रपति ट्रंप की मनमानी की चर्चा जोरों पर है. इसी पर आधारित है 'सो सॉरी' का ये गुदगुदा देने वाला एपिसोड.

आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई. रायवरम के पास लकड़ी की खदानों के नजदीक एक ट्रक ने एक निजी ट्रैवल बस को टक्कर मार दी. अचानक लगी आग में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई. इस घटना में 10 लोग जिंदा जल गए सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मियों मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया. दुर्घटना के समय बस में कितने लोग सवार थे, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.









