
26 जनवरी की परेड में क्यों शामिल नहीं होगी पंजाब की झांकी, केंद्र ने बताया
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आरोपों पर जवाब देते हुए रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि परेड में भाग ने वाली झांकियां का चयन एक एक्सपर्ट कमेटी करती है. पिछले 8 सालों में 6 बार एक्सपर्ट ने इसी प्रक्रिया के तहत ही पंजाब की झांकी को शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है.
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर हर साल झांकियां निकाली जाती हैं, जिसमें राज्यों से आने वाली झांकियों को थीम का आधार पर चयन किया जाता है. इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर होने वाली परेड में पंजाब की झांकी बाहर किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पंजाब और दिल्ली दोनों राज्यों की झांकी को बाहर रखा है.
'दिल्ली और पंजाब ने साइन किया MoU' सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्रालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री के आरोपों का खंडन किया है और बताया कि पंजाब और दिल्ली ने भारत सरकार के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कहा गया है कि 26 जनवरी, 2024 से शुरू होने वाले तीन सालों में दिल्ली या पंजाब एक आरडीसी में राज्य की झांकी प्रदर्शित करने पर सहमति व्यक्त की है. सूत्रों ने यह भी बताया कि इस साल पंजाब की झांकियों का चयन नहीं किए जाने के आरोप बेबुनियाद हैं.
सूत्रों ने आगे बताया कि पिछले कुछ सालों के दौरान पंजाब की झांकी को साल 2017 से 2022 (पिछले 8 वर्षों में 6 बार) और पश्चिम बंगाल की झांकी को साल 2016, 2017, 2019, 2021, 2023 के लिए विशेषज्ञ समिति द्वारा इसी प्रक्रिया से झांकी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है.
एक्सपर्ट कमेटी करती है झांकियों का चयन: सूत्र रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाली झांकियों के चयन एक प्रणाली के तहत किया जाता है, जहां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा भेजी गई झांकियों का देखने बाद विशेषज्ञ समिति की बैठक के बाद झांकियों को परेड में शामिल करने का फैसला किया जाता है. इसके बाद रक्षा मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों से झांकी के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है. परेडों का चयन करने वाली एक्सपर्ट कमेटी में कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला के क्षेत्रों का काम कर चुके प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल किया जाता है जो झांकियों को परेड में शामिल करने से पहले उसके विषय, डिजाइन, कॉन्सेप्ट और इसके पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करती है.
हर साल 15-16 का होता है चयन परेड के लिए लिमिट स्लॉट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि परेड में भाग लेने के इच्छुक 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में से केवल 15-16 को गणतंत्र दिवस परेड 2024 के लिए चुना जाएगा. बाकी को बाहर कर दिया जाता है. पंजाब की झांकी को पिछले 8 सालों में छह बार गणतंत्र दिवस के लिए चुना गया है, जबकि इसी वक्त के दौरान पश्चिम बंगाल की झांकी को 5 बार शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है जो कि एक निष्पक्ष प्रक्रिया है.
केंद्र सरकार बना रही है नियम: सूत्र राज्यों के आरोपों से बचने के लिए भारत सरकार सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल करते हुए एक 3-वर्षीय कार्यक्रम विकसित कर रही है, जिसका उद्देश्य राज्यों को अपनी झांकियां प्रदर्शित करने के लिए समान अवसर प्रदान करना है. इस संदर्भ में पंजाब और पश्चिम बंगाल की आरोप और आलोचना निराधार है. राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के साथ हस्ताक्षरित एमओयू के अनुसार, गणतंत्र दिवस परेड के लिए नहीं चुने गए राज्यों को 23-31 जनवरी, 2024 के दौरान लाल किले पर भारत पर्व में अपनी झांकी प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है.

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