
2024 के चुनाव में खर्च हुए 1.35 लाख करोड़ रुपये? जानें- आपके एक वोट की कितनी रही कीमत
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चुनाव आयोग ने हर उम्मीदवार के चुनावी खर्च की सीमा तय कर रखी है. लोकसभा चुनाव में हर उम्मीदवार 95 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है. जबकि, विधानसभा चुनाव में ये सीमा 28 लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक है. अरुणाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्यों में लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार 75 लाख और विधानसभा चुनाव में 28 लाख रुपये खर्च कर सकता है.
लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण के तहत शनिवार को मतदान होने जा रहा है. इसके बाद चार जून को नतीजों का ऐलान होगा. लेकिन इस बार का चुनाव अब तक का सबसे महंगा चुनाव माना जा रहा है. अनुमान है कि इस बार इतना पैसा खर्च हुआ है, जितना 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भी नहीं हुआ था.
सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज का अनुमान है कि चुनाव काफी खर्चीला होने के कारण इस बार एक वोट की कीमत 1,400 रुपये तक पहुंच गई है.
बीजेपी से लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी तक ने दिल खोलकर खर्चा किया है. अनुमान बताते हैं कि इस चुनाव में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं, जो 2019 की तुलना में कहीं ज्यादा है. 2019 के चुनाव में 55 से 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए थे.
2024 के चुनाव का खर्च 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. ये 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हुए खर्च से भी ज्यादा है. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में 1.20 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे.
खर्च की लिमिट कितनी?
चुनाव आयोग ने हर उम्मीदवार के चुनावी खर्च की सीमा तय कर रखी है. लोकसभा चुनाव में हर उम्मीदवार 95 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है. जबकि, विधानसभा चुनाव में ये सीमा 28 लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक है. अरुणाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्यों में लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार 75 लाख और विधानसभा चुनाव में 28 लाख रुपये खर्च कर सकता है.

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