
बेखौफ गेम, ट्रेंडसेटर... वैभव सूर्यवंशी कैसे बने भारत के पहले ‘डिजिटल क्रिकेट स्टार’? U-19 वर्ल्ड कप का भी बढ़ गया क्रेज
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अंडर-19 वर्ल्ड कप भारत के लिए हमेशा नए सितारों का मंच रहा है, लेकिन इस बार फैन्स का क्रेज सिर्फ एक नाम- वैभव सूर्यवंशी के लिए है.14 साल का यह बल्लेबाज पहले से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्टार बन चुका है और उसकी बैखौफ बैटिंग देखने के लिए लोग टूर्नामेंट को फॉलो कर रहे हैं.
अंडर-19 वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है. भारत के लिए यह हमेशा ही टैलेंट का सबसे भरोसेमंद मंच रहा है. इसी टूर्नामेंट से भारतीय क्रिकेट को विराट कोहली, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा, शुभमन गिल जैसे नाम मिले, जिन्होंने आगे जाकर विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई. यह प्लेटफॉर्म भारतीय क्रिकेट के लिए एक तरह की 'टैलेंट फैक्ट्री' बन चुका है, जहां से अगली पीढ़ी सामने आती है. .
... लेकिन इस बार सुर्खियों में जिस खिलाड़ी का नाम सबसे ज्यादा है- वह है- वैभव सूर्यवंशी. उसकी कहानी इन सभी खिलाड़ियों से अलग है. वजह सिर्फ उसका खेल ही नहीं, बल्कि उसकी उम्र, उसके आसपास बनी हाइप और डिजिटल दौर में तेजी से तैयार हुई फैन-फॉलोइंग है. वैभव का केस यह साफ दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट अब पुराने ढांचे में नहीं बंधा है. एक नया मॉडल उभर रहा है, जिसमें खिलाड़ी की पहचान पहले ही डिजिटल माध्यमों से बनती है.
... इस बार एक दिलचस्प बात यह है कि फैन्स सिर्फ वैभव सूर्यवंशी को देखने के लिए इस अंडर-19 वर्ल्ड कप को फॉलो कर रहे.
1. सिर्फ 14 साल की उम्र- बड़े मंच पर सबसे कम उम्र की कहानी
वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खासियत है उनकी कम उम्र. सिर्फ 14 साल, 294 दिन में अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलना अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि भारत में आमतौर पर खिलाड़ी 17-18 साल की उम्र में इस टूर्नामेंट तक पहुंचते हैं. और 18-19 की उम्र में वर्ल्ड कप खेलकर निकल जाते हैं. तो क्या वैभव आने वाले U-19 वर्ल्ड कप भी खेल सकते हैं..?
… लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है- 2016 के बाद BCCI ने यह नियम बना दिया है कि जो खिलाड़ी एक बार भारत की ओर से U-19 वर्ल्ड कप खेल ले, वह अगली बार भले ही आयु-सीमा में आता हो, फिर भी दूसरा U-19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सकता. यह नियम BCCI की जूनियर कमेटी की सिफारिश पर 2016 की वर्किंग कमेटी मीटिंग में पास किया गया था.

14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल डेब्यू पर ही छक्का लगाकर सभी को चौंका दिया था. मैच से पहले राहुल द्रविड़ और संजू सैमसन ने उनसे गेम प्लान पूछा था, जिस पर उन्होंने कहा था कि अगर गेंद उनके एरिया में आई तो उसे छक्का मारेंगे. मैदान पर उन्होंने ठीक वही करके दिखाया और अपने आत्मविश्वास से सबको प्रभावित किया.

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