
'2 मर्सिडीज' वाले बयान पर महाराष्ट्र में सियासी उबाल, उपसभापति के विरोध में उतरे शिवसेना के दोनों गुट
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रविवार को पुणे में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ नीलम गोरहे के उस बयान के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे पर 2 मर्सिडीज कार के बदले पद देने का आरोप लगाया था. उद्धव ठाकरे ने कहा, 'ये मर्सिडीज कारें कहां हैं? मुझे दिखाओ. मैं ऐसे तुच्छ बयानों पर अपना समय बर्बाद नहीं करता.'
महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ नीलम गोरहे के मर्सिडीज कार वाले बयान के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार को पुणे में शिवसेना के कार्यकर्ताओं विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान उन्होंने अपने हाथों में खिलौने की मर्सिडीज कारें ली हुई थीं. साथ ही रश्मि ठाकरे ने सोमवार को मातोश्री में एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें प्रदर्शन को लेकर रणनीति तय की जाएगी.
दरअसल, दिल्ली में आयोजित 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य महोत्सव में महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोरहे ने 'असे घडलो आम्ही' (हम ऐसे ही बड़े हुए) सत्र के दौरान एक सनसनीखेज दावा किया.
गोरहे ने आरोप लगाया, 'उन्होंने देखा कि शिवाजी पार्क में शिवसेना की रैलियों में ज़्यादातर भीड़ एकनाथ शिंदे के समर्थकों द्वारा जुटाई गई थी. ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में आंतरिक राजनीति ने कुछ नेताओं के साथ बातचीत को हतोत्साहित किया, जिससे उन्हें लगा कि अगर कोई संवाद नहीं है तो ऐसे माहौल में रहने का कोई मतलब नहीं है. सच्चाई ये है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना में अगर किसी को 2 मर्सिडीज दी जाती तो उसे पार्टी का पद मिल जाता.इस बयान पर शिवसेना के दोनों गुटों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई हैं.'
उपसभापति के इस बयान पर पलटवार करते हुए उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने उनके आरोपों को निराधार बताया और उन्हें आरोपों के सबूत देने की चुनौती दी है.
कहां हैं ये मर्सिडीज: उद्धव
उद्धव ठाकरे ने मीडिया को संबोधित करते हुए ने गोरहे के आरोपों खारिज करते हुए गोरहे को सबूत पेश करने की चुनौती दी.

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