
इंदौर में आम आदमी की मौत पर सरकारी मजाक क्यों? देखें खबरदार
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पहाड़ों को देव मानकर परिक्रमा करने वाला हमारा देश भारत है. नदियों को पूजने वाला हमारा देश भारत है. जिसके लिए कहा गया कि यहां दूध की नदियां बहती हैं. जिस देश में कहा गया जल ही जीवन है, वहां अगर जनता को जीवन के नाम पर जहर वाला पानी पीने को दिया जाए और 10 मौत के के बाद भी सरकार, सरकारी अधिकारी, हर जिम्मेदार चेहरा झूठ बोलता रहे, लीपापोती करे तो खबरदार करना जरूरी है.

पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल में शाहरुख खान के कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर विवाद गर्माया है. बीजेपी नेता संगीत सोम और धर्मगुरु इस फैसले को लेकर विरोध कर रहे हैं, जबकि टीएमसी सहित कुछ पार्टियां इसे धार्मिक भेदभाव से जोड रही हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार और बीसीसीआई को इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए?

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर हड़कंप मचा हुआ है. पूरे देश में मचे हंगामे के बाद आज मध्य प्रदेश की सरकार हरकत में आती दिखी. जहां इंदौर के 4 अधिकारियों पर एक्शन हुआ तो वहीं पूरे प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौरों और प्रशासन के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वर्चुअल बैठक की. हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भी मामले पर सख्ती दिखायी है. लेकिन, सवाल यही पूछा जा रहा है कि इंदौर में जानलेवा पानी लोगों के घरों तक पहुंचा ही क्यों?

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में इस बार के आईपीएल के लिए बांग्लादेश के खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लिया गया है. बीजेपी नेता संगीत सोम और तरह तरह के धर्मगुरु सवाल उठा रहे हैं कि जब बांग्लादेश में हिंदू मारे जा रहे हैं और वहां की सरकार, अवाम, खिलाड़ी, सेलिब्रिटी कुछ नहीं कर रहे तो ऐसे में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आईपीएल में क्यों खरीदा गया और खरीदा गया तो शाहरुख खान ने ही क्यों खरीदा. टीएमसी कह रही है कि शाहरुख खान के साथ सिर्फ मजहब की वजह से ममता बनर्जी तरजीही सलूक करती हैं.

YouTube पर करियर बनाना बहुत से लोगों का सपना होता है. हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो YouTube से कमाई नहीं कर पाते हैं. सवाल आता है कि ऐसा क्या है, जो कुछ लोग YouTube से लाखों की कमाई कर लेते हैं, जबकि कुछ के चैनल कभी मोनेटाइज भी नहीं हो पाते हैं. इसका जवाब हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं.

ईरान में सत्ता में बदलाव को लेकर चल रहे प्रदर्शन का आज छठा दिन है. आर्थिक कारणों से शुरू हुआ ये प्रदर्शन अब राजनीतिक रंग ले चुका है और प्रदर्शनकारी 'डेथ टू डिक्टेटर'और 'मुल्ला देश छोड़ो' जैसे नारे लगा रहे हैं. ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई और फायरिंग में कुछ मौतों की भी खबर है

बिहार के मधुबनी में झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. सुपौल से मजदूरी करने आए एक युवक को कुछ लोगों ने बांग्लादेशी होने के शक में घेरकर बेरहमी से पीट दिया. इस मॉब लिंचिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है. गंभीर रूप से घायल मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है.पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.







