
नए साल के पहले दिन हिमाचल के नालागढ़ पुलिस थाने के भीतर ब्लास्ट, जांच में जुटी पुलिस और एजेंसियां
AajTak
नया साल 2026 के पहले दिन हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम के पीछे सुबह जोरदार धमाका हुआ, जिसमें शीशे और खिड़कियां टूट गईं, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस ने इलाके को घेरकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया और CCTV फुटेज की जांच शुरू की है.
नए साल के पहले ही दिन हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ शहर में एक हमले ने हड़कंप मचा दिया. 1 जनवरी की सुबह लगभग 9:40 बजे नालागढ़ पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम के पीछे अचानक एक जोरदार धमाका हुआ. पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस विस्फोट के कारण स्टोर रूम के शीशे टूट गए और पास की इमारत के कई खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं. हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है.
धमाके के बाद पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने विस्फोट से जुड़े सैंपल एकत्रित किए. इसके साथ ही अलग-अलग जांच टीमों का गठन कर आसपास लगे CCTV फुटेज की बारीकी से पड़ताल की जा रही है.
पुलिस ने पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से भी संपर्क किया है ताकि धमाके की वजह से जुड़ी संभावित बाहरी कड़ियों की जांच की जा सके. इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 324(4) और 125 के साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है.
यह भी पढ़ें: हिमाचल के सोलन में थाने के पास ब्लास्ट, चूकनाचूर हुए इमारतों के शीशे
हालांकि पुलिस ने कहा है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और असली कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही संभव है.
इस धमाके ने नए साल के मौके पर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से मामले की छानबीन कर रही हैं और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी गई है.

पहाड़ों को देव मानकर परिक्रमा करने वाला हमारा देश भारत है. नदियों को पूजने वाला हमारा देश भारत है. जिसके लिए कहा गया कि यहां दूध की नदियां बहती हैं. जिस देश में कहा गया जल ही जीवन है, वहां अगर जनता को जीवन के नाम पर जहर वाला पानी पीने को दिया जाए और 10 मौत के के बाद भी सरकार, सरकारी अधिकारी, हर जिम्मेदार चेहरा झूठ बोलता रहे, लीपापोती करे तो खबरदार करना जरूरी है.

शाहरुख खान एक बार फिर निशाने पर हैं. आरोप लग रहे हैं कि उनकी आईपीएल टीम केकेआर ने बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा है, जबकि बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं. मुस्तफिजुर रहमान पिछले साल भी आईपीएल में खेल चुके हैं, लेकिन 2024 से बढ़ रहे हमलों के बीच इस खिलाड़ी को लेने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. इस विवाद के बीच चर्चा है कि क्या शाहरुख खान को उनके नाम की वजह से निशाना बनाया जा रहा है.

पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल में शाहरुख खान के कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर विवाद गर्माया है. बीजेपी नेता संगीत सोम और धर्मगुरु इस फैसले को लेकर विरोध कर रहे हैं, जबकि टीएमसी सहित कुछ पार्टियां इसे धार्मिक भेदभाव से जोड रही हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार और बीसीसीआई को इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए?










