
11 सीट, 12 उम्मीदवार और विधायक बचाने को रिसॉर्ट पॉलिटिक्स... महाराष्ट्र में आज MLC चुनाव, कौन करेगा खेला?
AajTak
सियासी गलियारों में एक सवाल खूब गूंज रहा है कि क्या महाराष्ट्र के MLC चुनाव में खेला होगा? क्या MLC के इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग होगी? MLC चुनाव में वोटिंग से पहले रिसॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो चुकी है. सभी पार्टियों ने अपने विधायकों को कब्ज़े में लेना शुरू किया है. महाराष्ट्र में विधान परिषद का ये चुनाव, इसलिए भी अहम है क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद NDA और 'INDIA' के बीच पहला मुकाबला है.
महाराष्ट्र में एक और सियासी युद्ध का काउंट डाउन शुरु हो गया है. शुक्रवार 12 जुलाई को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव होना है. और इसके लिए मैदान में 12 उम्मीदवार हैं. शुक्रवार को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक विधान परिषद के लिए वोटिंग होगी. लेकिन उससे पहले NDA और INDIA ब्लॉक वाले अपने-अपने विधायकों को बचाए-बचाए फिर रहे हैं. कारण, डर क्रॉस वोटिंग का है. डर विधायकों के टूटने का है. NDA ने 9 उम्मीदवार खड़े किए हैं, जबकि INDIA ब्लॉक ने 3 MLC उम्मीदवार उतारे हैं. चुनाव से पहले महाराष्ट्र में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स जोरो पर है.
दरअसल, सियासी गलियारों में एक सवाल खूब गूंज रहा है कि क्या महाराष्ट्र के MLC चुनाव में खेला होगा? क्या MLC के इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग होगी? MLC चुनाव में वोटिंग से पहले रिसॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो चुकी है. सभी पार्टियों ने अपने विधायकों को कब्ज़े में लेना शुरू किया है. महाराष्ट्र में विधान परिषद का ये चुनाव, इसलिए भी अहम है क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद NDA और 'INDIA' के बीच पहला मुकाबला है. ऐसे में दोनों खेमे एक दूसरे को मात देने के लिए सारी तिकड़म भिड़ा देंगे. इस मैच को अपने पाले में करने के लिए सभी ने अपने-अपने खिलाड़ी मोर्चे पर तैनात कर दिए हैं.
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में NDA को लगा झटका
बता दें कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में से कांग्रेस ने सबसे ज़्यादा 13 सीटें जीती हैं, जबकि बीजेपी को 9 सीटें मिली हैं और शिवसेना (यूबीटी) यानी उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी 9 सीटें मिली हैं. शरद पवार की पार्टी एनसीपीएसपी ने 8 सीटें जीती हैं तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 7 सीटें मिली हैं और अजित पवार की एनसीपी को सिर्फ 1 ही सीट मिली है. महाराष्ट्र में एक सीट अन्य के खाते में गई है. गठंबधन के हिसाब से देखें तो महाराष्ट्र में INDIA ब्लॉक के खाते में 30 सीटें गईं और NDA के खाते में रह गईं सिर्फ 17 सीटें.
चुनाव से पहले महाराष्ट्र में हुआ बड़ा सियासी खेल
इस बार के नतीजों ने बड़ा उलटफेर किया है. क्योंकि चुनाव से पहले महाराष्ट्र में बड़ी तोड़-फोड़ मची थी. शिवसेना के दो फाड़ हो गए, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच पार्टी बंट गईं. एनसीपी में दो फाड़ हो गए. शरद पवार और अजित पवार के बीच पार्टी बंट गई. पार्टी सिंबल को लेकर भी एक दूसरे में तगड़ी जंग चली. लेकिन लोकसभा ने नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे से आगे उद्धव ठाकरे निकल गए और अजित पवार को चाचा शरद पवार ने बुरी तरह से चित कर दिया. और नुकसान बीजेपी को भी हुआ. अब एनडीए में टारगेट पर एक सीट जीतने वाली एनसीपी आ गई. और तो और आरएसएस ने भी अजित पवार को ही निशाना बनाया. लेकिन एनसीपी ने जवाब देते हुए, बीजेपी को सीधे यूपी का आइना दिखा दिया.

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद अब मेयर पद की जंग तेज हो गई है. कल्याण-डोंबिवली में बहुमत के जादुई आंकड़े को छूने के लिए राजनीतिक उठापटक शुरू हो चुकी है. आरोप है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव गुट (UBT) के चार पार्षदों को अपने पाले में करने के लिए तोड़-फोड़ की है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.









