
10 फीसदी उछाल... बिहार में मतदान के टूटे सारे रिकॉर्ड, ऐतिहासिक वोटिंग पैटर्न का मैसेज क्या है?
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बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं, इतना ही नहीं पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया है. बिहार में इस वोटिंग पैटर्न के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि 2020 की तुलना में इस बार 10 फीसदी ज्यादा मतदान हुए हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो चुकी है. पहले चरण से ज्यादा उत्साह मतदाताओं में दूसरे चरण में नजर आया है. मंगलवार को 122 सीटों पर 68.74 फीसदी मतदान हुआ है, जबकि पहले फेज की 121 सीटों पर 6 नवंबर को 65.08 फीसदी मतदान रहा था. इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर इस बार कुल 66.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसके साथ बिहार में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं.
चुनाव आयोग के मुताबिक बिहार के दूसरे चरण की 122 सीटों पर 68.74 फीसदी मतदान रहा है, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर 58.8 फीसदी मतदान रहा था. इस लिहाज से करीब 10 फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई है. इन 122 सीटों पर 2015 के चुनाव में 58.3 फीसदी तो 2010 में 53.8 फीसदी वोटिंग रही थी.
वहीं, बिहार की कुल 243 सीटों पर 2020 के विधानसभा चुनाव में 57.29 फीसदी मतदान रहा था, जबकि 2025 में कुल 66.91 फीसदी वोटिंग रही. आजादी के बाद पहली बार इतना मतदान बिहार में हुआ है. 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 9.6 प्रतिशत मतदान ज्यादा हुआ है. यही नहीं, पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज्यादा वोटिंग की है.
बिहार में टूट गए सारे वोटिंग रिकॉर्ड
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