हेट स्पीच के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'सभी धर्मों का एक ही साझा दुश्मन'
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मुंबई में सकल हिंदू समाज द्वारा पांच फरवरी को एक रैली का आयोजन किया था. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. हालांकि कोर्ट ने शर्तों के साथ रैली को अनुमति दे दी थी. 3 फरवरी को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कहा था कि वो सुनिश्चित करे कि रैली में कोई हेट स्पीच ना दे. सुप्रीम कोर्ट ने रैली की वीडियो रिकॉर्डिंग के आदेश भी दिए थे.
मुंबई में पिछले दिनों हुई हिंदू जन आक्रोश रैली जैसा कार्यक्रम रोकने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट में बताया कि इसके बाद भी एक कार्यक्रम हुआ था. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को वीडियो सौंपने का आदेश दिया है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हमें यह भी तय करना होगा कि कौन से बयान या भाषण हेट स्पीच के दायरे में आते हैं.
कोर्ट ने मामले टिप्पणी की कि सभी धर्मों का एक ही साझा दुश्मन है- नफरत. इस नफरत को अपने मन से निकालिए, आपको फर्क दिखेगा. हमारी सभ्यता, हमारा ज्ञान सनातन है. हमें इसे कम नहीं आंकना चाहिए. मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी.
बता दें कि मुंबई में सकल हिंदू समाज द्वारा पांच फरवरी को एक रैली का आयोजन किया था. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. हालांकि कोर्ट ने शर्तों के साथ रैली को अनुमति दे दी थी. 3 फरवरी को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कहा था कि वो सुनिश्चित करे कि रैली में कोई हेट स्पीच ना दे. सुप्रीम कोर्ट ने रैली की वीडियो रिकॉर्डिंग के आदेश भी दिए थे.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से 29 जनवरी को हुई हिंदू जन आक्रोश सभा की रैली पर भी रिपोर्ट मांगी थी. तब याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि पिछले रविवार को भी सकल हिंदू समाज के कार्यक्रम में एक एमएलए ने ऐसे ही भाषण दिए थे. पुलिस के पास उसकी वीडीओ रिकॉर्डिंग भी है. जस्टिस जोसफ ने कहा था कि हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. सरकार इस पर एक्शन लेती है तो ठीक है वरना हम तो संविधान की रक्षा के लिए बैठे ही हैं.

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