
हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए SC कॉलेजियम ने लिए 50 से ज्यादा उम्मीदवारों के इंटरव्यू
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इंटरव्यू में सीजेआई भूषण रामकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ ने जजशिप के लिए सिफारिश किए गए नामों में वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के साथ आमने सामने बातचीत की.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इस हफ्ते सिर्फ दो दिनों में करीब 50 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया, जिससे उच्च न्यायालयों में नियुक्तियों के लिए एक बार में सबसे ज्यादा तादाद में इंटरव्यू का रिकॉर्ड बना. ये नियुक्तियां मध्य प्रदेश, दिल्ली, पटना, पंजाब और हरियाणा, राजस्थान सहित जजों की गंभीर कमी से जूझ रहे न्यायालयों में होनी हैं. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के तीन सबसे सीनियर जज मंगलवार और बुधवार को 50 से ज्यादा उम्मीदवारों से व्यक्तिगत तौर पर सुप्रीम कोर्ट परिसर में मुलाकात और बातचीत की.
इंटरव्यू में सीजेआई भूषण रामकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ ने जजशिप के लिए सिफारिश किए गए नामों में वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के साथ आमने सामने बातचीत की. संभावित जजों की संवैधानिक, विधि शास्त्र और न्यायिक प्रक्रिया की पूरी तरह से समझ के साथ न्यायिक ज्ञान से संबंधित सोच जानने के लिए विस्तृत पूछताछ की गई.
क्या नियम तय किए गए हैं?
यह प्रक्रिया इस वर्ष अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट से जारी अनुदेशक के मुताबिक है. इसमें हाईकोर्ट्स के लिए जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को ज्यादा समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए समुचित प्रावधान तय किए गए हैं. उस मसौदे में कहा गया था कि हाई कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश, राज्य सरकार, आईबी और उसी मूल उच्च न्यायालय से सुप्रीम कोर्ट में आए जजों का उस उम्मीदवार जज के प्रति परामर्श और राय जानने के बाद खुफिया रिपोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम उम्मीदवार के साथ व्यक्तिगत तौर पर बातचीत भी करेगा.
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कॉलेजियम के इंटरव्यू के बाद क्या?

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