
'हम बारीकी से स्टडी कर रहे हैं', टैरिफ को लेकर US कोर्ट के फैसले पर भारत का पहला बयान
AajTak
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद भारत सरकार ने कहा है कि वह फैसले और उसके बाद घोषित अमेरिकी कदमों के असर का आकलन कर रही है. वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक घटनाक्रमों का बारीकी से अध्ययन जारी है.
भारत सरकार ने शनिवार को कहा कि वह टैरिफ को लेकर आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से घोषित कदमों के असर का आकलन कर रही है. कल यानी शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की ओर से कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को 'अवैध' करार दिया था.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सरकार अमेरिका के टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम और उनके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है. मंत्रालय ने शुक्रवार को आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और इस संबंध में डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया.
हर फैसले का बारीकी से अध्ययन कर रही सरकार
मंत्रालय ने कहा, 'हमने कल (शुक्रवार) टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संज्ञान लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है.' मंत्रालय ने आगे कहा, 'अमेरिकी प्रशासन की ओर से कुछ कदमों की घोषणा की गई है. हम इन सभी घटनाक्रमों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं.'
सरकार ने कहा कि वह इन घटनाओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि उनके संभावित असर को समझा जा सके. सरकार का यह बयान उस समय आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ को 'अवैध' करार दे दिया था.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने क्या किया?

केरल के अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में 2021 में हुई एक सर्जरी का चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. 51 साल की महिला के पेट में चार साल बाद आर्टरी फोर्सेप्स मिलने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस ने सेवानिवृत्त स्त्री रोग विशेषज्ञ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि निजी अस्पताल में सफल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है.

बिहार विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर हुई बहस के दौरान गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई. इस बयान को पप्पू यादव से जोड़ा गया. इसके जवाब में पप्पू यादव ने भी पलटवार किया। इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और कानून व्यवस्था की स्थिति पर लोगों का ध्यान केंद्रित कर दिया है.











