
वीडियो कॉल, ब्लैकमेलिंग, करोड़ों की उगाही... 'सेक्सटॉर्शन' रैकेट के 20 शातिर ठग गिरफ्तार
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मध्य प्रदेश में एक बड़े साइबर सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देकर करोड़ों की उगाही करने वाले इंटर-स्टेट गैंग के 20 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' के तहत 1.07 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है, जबकि 12 आरोपी अभी फरार हैं.
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से संचालित हो रहे एक इंटर-स्टेट साइबर 'सेक्सटॉर्शन' रैकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. यहां 'डिजिटल अरेस्ट' करके लोगों से करोड़ों रुपए की उगाही की जा रही थी. पुलिस ने इस गिरोह के 20 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह रैकेट मुख्य रूप से शिवपुरी जिले से ऑपरेट किया जा रहा था और अलग-अलग राज्यों के लोगों को निशाना बनाया जाता था.
ग्वालियर जोन के इंस्पेक्टर जनरल अरविंद कुमार सक्सेना और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल अमित सांघी के निर्देश पर नौ स्पेशल टीमों का गठन किया गया. इस पूरे अभियान को 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' नाम दिया गया. पुलिस सुपरिटेंडेंट अमन सिंह राठौर ने बताया कि शिवपुरी के करेरा, भोंटी और पिछोर इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई. इस कार्रवाई में पुलिस टीम ने 20 आरोपियों को दबोचा.
पिछले हफ्ते इस मामले में चार FIR दर्ज की गई थीं. इन FIR में 32 आरोपियों के नाम सामने आए थे. इनमें से अब तक 20 को गिरफ्तार किया जा चुका है. 12 आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है. जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य डेटिंग और चैटिंग एप्लीकेशन के जरिए लोगों से संपर्क करते. इसके लिए आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाते थे.
इसके बाद पहले दोस्ती की जाती, फिर अश्लील चैट और वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों की आपत्तिजनक रिकॉर्डिंग की जाती थी. फिर असली खेल शुरू होता. आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को फोन करते और कहते कि उनके खिलाफ रेप या चाइल्ड पोर्नोग्राफी का केस दर्ज हो चुका है. उनको 'डिजिटल अरेस्ट' करके पैसे मांगे जाते, नहीं देने पर गिरफ्तारी की बात कहते.
पीड़ित लोग डर और शर्मिंदगी के कारण साइबर ठगों के जाल में फंस जाते थे. इस तरह अपने जीवन भर की कमाई उनको ट्रांसफर करने पर मजबूर हो जाते थे. इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने सात चार पहिया वाहन, 29 स्मार्टफोन, 1.20 लाख रुपए नकद, ATM कार्ड और बैंक पासबुक जब्त किए हैं. आरोपियों से जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपए आंकी गई है.
पुलिस का मानना है कि गैंग लंबे समय से सक्रिय था और अब तक करोड़ों रुपए की उगाही कर चुका है. गिरफ्तार आरोपियों में अंगद लोधी, विशाल लोधी, सुखदेव, अर्जुन और दीपक प्रजापति समेत अन्य शामिल हैं. ज्यादातर आरोपी शिवपुरी और झांसी इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस फरार 12 आरोपियों की तलाश में जुटी है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

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