
₹100 करोड़ लगाओ और मात्र ₹1 में जमीन पाओ ... बिहार में पलायन रोकने का मास्टरप्लान, सुरक्षा और बिजली की गारंटी भी साथ
AajTak
बिहार सरकार ने राज्य से मजदूरों के पलायन को जड़ से खत्म करने के लिए 'मिशन मोड' में काम शुरू कर दिया है. गुजरात मॉडल की तर्ज पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने एक ऐसी नीति पेश की है, जिसने औद्योगिक जगत में हलचल मचा दी है.
बिहार से मजदूरों का पलायन रोकने के लिए सरकार गुजरात मॉडल के तर्ज पर उद्योग लगाने के लिए बढ़ावा दे रही है. इसके लिए बिहार सरकार 100 करोड़ रुपए इन्वेस्टमेंट करने पर महज 1 रुपए में 10 एकड़ जमीन उद्योगपति को देगी. इसके साथ ही छोटे कुटीर उद्योग को लगाने के लिए भी लोगों को प्रशिक्षित करने के साथ आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है.
बिहार राज्य उद्यमी और व्यवसाय आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार निराला ने दावा किया, ''आने वाले कुछ सालों में बिहार से मजदूरों का पलायन रुक जाएगा. आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार निराला ने कहा कि बिहार 2005 से पहले एक बीमारू प्रदेश था.
20 साल पहले हम लोगों ने देखा कि अपहरण, लूटपाट और हत्या उद्योग हो गया था, लेकिन हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन ने बिहार में इतना बदलाव ला दिया है कि बिहार के आगे कोई प्रदेश दिख ही नहीं रहा है. विकास के नाम पर बयार बह रही है. गुजरात की तर्ज पर यहां भी उद्योग धंधे लग रहे हैं. बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं, निवेशकों का आना शुरू हो गया है.''
उन्होंने कहा कि निवेशक दूसरे प्रदेशों के अलावे अन्य देशों से यहां निवेश करके यहां के विकास में सहयोग करने जा रहे हैं. बिहार सरकार ने फैसला किया है कि जो कंपनी बिहार में 100 करोड़ रुपए इनवेस्ट करेगी, उसको ₹1 में 10 एकड़ जमीन देंगे और उनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होगी. उनको निर्बाध रूप से बिजली मिलेगी. देखें VIDEO:-
मजदूरों का पलायन रोकने के लिए छोटी-छोटी उद्योग लगाए जा रहे हैं, हर घर में हर हाथ को काम मिलेगा. अपने घर में काम मिल जाएगा तो हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, गुवाहाटी जाने की क्या जरूरत पड़ेगी.

बिहार विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर हुई बहस के दौरान गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई. इस बयान को पप्पू यादव से जोड़ा गया. इसके जवाब में पप्पू यादव ने भी पलटवार किया। इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और कानून व्यवस्था की स्थिति पर लोगों का ध्यान केंद्रित कर दिया है.












