
हमारे पास हेट स्पीच देने वाले दलों, उम्मीदवारों पर कार्रवाई करने की शक्ति नहीं: निर्वाचन आयोग
The Wire
निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा दायर करते हुए कहा है कि अगर कोई दल या इसका सदस्य नफ़रती भाषण (हेट स्पीच) देने में संलिप्त पाया जाता है तो आयोग के पास उस राजनीतिक दल की मान्यता रद्द करने या उसके सदस्य को अयोग्य ठहराने संबंधी क़ानूनी शक्ति नहीं है.
नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसके पास नफरती भाषण (हेट स्पीच) देने वाले किसी राजनीतिक दल या इसके सदस्यों को प्रतिबंधित करने की शक्ति नहीं है.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईसीआई ने शीर्ष अदालत से कहा कि अगर कोई दल या इसका सदस्य हेट स्पीच देने में संलिप्त पाया जाता है तो आयोग के पास उस राजनीतिक दल की मान्यता रद्द करने या उसके सदस्य को अयोग्य ठहराने संबंधी कानूनी शक्ति नहीं है.
आयोग ने एक हलफनामे में कहा कि चूंकि हेट स्पीच पर रोकथाम के लिए कोई विशेष कानून नहीं है, इसलिए वह अक्सर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत कार्रवाई करता है, ताकि यह सुनिश्चित कर सके कि राजनीतिक दलों के सदस्य ऐसी टिप्पणी न करें जो समाज के विभिन्न वर्गों में आपसी सद्भाव बिगाड़ सकती हैं.
आयोग ने यह बयान अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा लगाई गई याचिका के जवाब में दिया है. उन्होंने जनहित याचिका के माध्यम से हेट स्पीच पर रोक लगाने की मांग की थी.

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