
बंगाल: चुनाव की घोषणा के कुछ घंटों बाद शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बड़ा फेरबदल, टीएमसी का विरोध
The Wire
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को बदलने का आदेश दिया है. नौकरशाही में इस फेरबदल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सोमवार को राज्यसभा से वॉकआउट किया.
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार (15 मार्च) को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बड़ा फेरबदल कर दिया. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार फ़ैसले के विरोध में वॉकआउट किया.
आचार संहिता लागू होने के तुरंत बाद आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को बदलने का आदेश दिया.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती की जगह 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नारायण को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. वहीं, जगदीश प्रसाद सिन्हा की जगह संघमित्रा घोष को गृह सचिव बनाया गया है. 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संगमित्रा घोष बंगाल की पहली महिला गृह सचिव बनी हैं.
निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत कुमार मिश्रा ने रविवार देर रात नंदिनी चक्रवर्ती को लिखे पत्र में इन बदलावों का निर्देश दिया. आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि नंदिनी चक्रवर्ती और जगदीश प्रसाद सिन्हा को आगामी विधानसभा चुनाव खत्म होने तक चुनाव से संबंधित कोई भी ज़िम्मेदारी नहीं दी जाएगी.
निर्वाचन आयोग ने राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों में भी बदलाव किया, जिनमें पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडेय को हटाया गया और कोलकाता पुलिस के आयुक्त सुप्रतिम सरकार को भी बदला गया.
चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह सिद्धनाथ गुप्ता को पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (प्रभारी) के रूप में नियुक्त करे, जबकि नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा महानिदेशक बनाया गया है.

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