
महाराष्ट्र: विपक्ष ने उठाई रेप के आरोप में गिरफ़्तार स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ से जुड़े मंत्रियों की जांच की मांग
The Wire
महाराष्ट्र में गिरफ़्तार किए गए रेप आरोपी स्वयंभू 'धर्मगुरु' मामले में विपक्ष ने उन नेताओं और मंत्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है, जिनका अशोक खरात से किसी भी प्रकार का संबंध है. विपक्ष का कहना है कि राजनीतिक नेताओं से साठ-गांठ के चलते संभावना है कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश करेगी.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नासिक में गिरफ्तार हुए रेप आरोपी स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात और उनके राजनीतिक संबंधों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस संबंध में विपक्ष ने शनिवार (21 मार्च) को महाराष्ट्र के उन नेताओं, जिनमें मंत्री भी शामिल हैं, के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है, जो अशोक खरात से किसी भी तरह से जुड़े हुए हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मांग राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता रूपाली चाकणकर द्वारा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद की गई.
विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) ने मांग की है कि खरात द्वारा संचालित ट्रस्ट की प्रमुख चाकणकर को आरोपी से संबंधों के कारण इस मामले में सह-आरोपी बनाया जाए. खरात के कई राजनेताओं, व्यापारियों और मशहूर हस्तियों से संबंध बताए जाते हैं.
इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि उन्होंने चाकणकर का इस्तीफा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को स्वीकृति के लिए भेज दिया है.
मालूम हो कि चाकणकर ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा दिया था. बताया गया है कि उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पद से हटने के लिए कहा गया था.
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने खरात से कथित संबंधों को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र में अंधविश्वास के ख़िलाफ़ कानून है और अब हम देख रहे हैं कि जिन लोगों से इसे लागू करने की उम्मीद की जा रही थी, वे खरात की अंधविश्वासी गतिविधियों में शामिल थे. खरात के ख़िलाफ़ कार्रवाई काफी नहीं है; उनके राजनीतिक समर्थकों को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए.’

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