
एलपीजी संकट: दिल्ली में कई अटल कैंटीन बंद, हॉस्टल मेस से लेकर लंगर तक सिलेंडर की किल्लत
The Wire
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश में एलपीजी गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार छाए हुए हैं. केंद्र सरकार भले ही किसी किल्लत से इनकार कर रही हो लेकिन लोगों के बीच इसे लेकर घबराहट और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें जरूर देखने को मिल रही हैं.
केंद्र सरकार का कहना है कि गैस की अव्यवस्था घबराहट में बुकिंग के चलते है. इसके साथ ही केंद्र सरकार का दावा है कि एलपीजी की कमी से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतज़ाम भी किए हैं. सरकार के अनुसार खाना बनाने और रोशनी करने के लिए 48 हज़ार किलो लीटर से ज़्यादा केरोसीन का इंतज़ाम किया गया है.
इस बीच दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए पांच रुपये में दोपहर और रात का खाना देने वाली की कई अटल कैंटीन के बंद होने की खबर भी सामने आ रही है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीते साल 25 दिसंबर को साउथ दिल्ली के नेहरू नगर स्थित प्रताप कैंप में जिस पहली अटल कैंटीन का उद्घाटन किया था, सोमवार (16 मार्च) दोपहर को यह कैंटीन बंद थी.
अखबार ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध वह और खाना बनाने के ईंधन के संकट की वजह से इसे बंद किया गया था. कुछ ऐसा ही हाल कालकाजी और अन्ना नगर में स्थित कम से कम दो अन्य अटल कैंटीनों का भी देखा गया. कैंटीन के दरवाजे पर चिपकाए गए नोट में लिखा था, ‘गैस आने तक कैंटीन बंद रहेगी.’
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में भी गैस सप्लाई में आई कमी का असर अब कैंपस की कैंटीनों और हॉस्टल मेस पर दिखने लगा है. गैस की सीमित उपलब्धता के चलते कई जगह खाने के मेन्यू में बदलाव की खबरें सामने आई हैं, जिससे छात्रों के बीच चिंता बढ़ने लगी है.

महाराष्ट्र में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बीपीसीएल और एचपीसीएल से स्वयं सहायता समूहों और केंद्रीय रसोईघरों के लिए सिलेंडरों की प्राथमिक आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, ताकि छात्रों के भोजन पर असर न पड़े.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.






