
'सेना का अपमान कांग्रेस की आदत...', ऑपरेशन सिंदूर पर पृथ्वीराज के बयान के बाद बीजेपी हमलावर
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कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने ऑपरेशन सिंदूर पर सेना और वायुसेना को लेकर बयान दिया, जिसके बाद बीजेपी ने हमला शुरू कर दिया और इसे सेना का अपमान बताया है. विवाद बढ़ने के बाद भी चव्हाण ने माफी मांगने से इनकार किया.
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस लीडर पृथ्वीराज चव्हाण ने 16 दिसंबर को पुणे में एक स्पीच के दौरान बयान दिया, जिस पर सियासी तूफान खड़ा हो गया है. उन्होंने हालिया ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा, "इस ऑपरेशन में थलसेना की एक किलोमीटर भी हलचल नहीं हुई. सब कुछ सिर्फ हवाई और मिसाइल युद्ध था. भविष्य में भी युद्ध इसी तरह लड़े जाएंगे- हवाई और मिसाइल से. ऐसे में क्या हमें 12 लाख सैनिकों वाली बड़ी थलसेना रखने की जरूरत है? या इन सैनिकों को दूसरे कामों में लगाया जा सकता है?"
इसके अलावा पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया, "ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन भारतीय वायुसेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और भारतीय विमान मार गिराए गए. ऑपरेशन के पहले दिन हम पूरी तरह हार गए थे. 7 मई को जो आधे घंटे का हवाई संघर्ष हुआ, उसमें हमें पूरी तरह से पराजय मिली, चाहे लोग मानें या न मानें. भारतीय विमानों को मार गिराया गया. वायुसेना पूरी तरह से ग्राउंडेड थी और एक भी विमान नहीं उड़ा."
विवाद शुरू होने के बाद भी, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण अपने बयान पर अडिग हैं और उन्होंने मांफी मांगने से इनकार किया है. उन्होंने कहा, "मैं अभी और कुछ नहीं कहना चाहता... लेकिन मैं माफी नहीं मांगूंगा. इसकी कोई ज़रूरत नहीं है. मैंने कोई गलत टिप्पणी नहीं की है."
बीजेपी ने कांग्रेस पर बोला हमला
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "सेना का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गई है. यह सिर्फ चव्हाण का बयान नहीं है, राहुल गांधी भी ऐसे ही बयान दे चुके हैं. यह सब उनकी सोच को दिखाता है, इसीलिए न तो कांग्रेस और न ही राहुल ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हैं. ये बयान उनकी सेना विरोधी मानसिकता को दिखाते हैं."
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