
सुशासन 2.0... नया बिहार मॉडल पेश करने की तैयारी कर रहे हैं नीतीश कुमार
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नीतीश कुमार को लेकर चुनावों से पहले खूब सवाल उठाए जा रहे थे, अब वो उनका जवाब एक्शन से देने लगे हैं. कानून-व्यवस्था से लेकर सरकारी योजनाओं तक. बिहार सचिवालय का औचक निरीक्षण कर नीतीश कुमार ने अपना इरादा भी जाहिर कर दिया है कि आगे वो क्या क्या करने वाले हैं.
नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल सबसे बड़ा उदाहरण मिला है, बिहार के नालंदा में. जिले के गनगौरा पंचायत के बदरवाली गांव के एक परिवार की पूरे इलाके में चर्चा है. असल में, एक ही परिवार में बिहार सरकार की चार योजनाओं के लाभार्थी मिले हैं.
चुनाव से पहले जिन महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे गए थे, इस परिवार की भी एक महिला शामिल है. और, लाभार्थियों में एक दिव्यांग व्यक्ति भी शुमार है.
लगता है नीतीश कुमार अब सुशासन बाबू की अपनी छवि को और निखारने में जुट गए हैं. 28 नवंबर को सचिवालय जाकर औचक निरीक्षण करना, और अफसरों को वक्त का पाबंद होने की हिदायत देना तो यही बता रहा है - तो क्या नीतीश कुमार अब देश को बिहार मॉडल देने की तैयारी कर रहे हैं?
एक ही परिवार में चार योजनाओं के लाभार्थी
बिहार सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की केस स्टडी के लिए नालंदा गांव की रूबी देवी का परिवार बेहतरीन मिसाल है. सरकारी मदद से रूबी देवी का रोजगार तो शुरू हो ही चुका है, उनके पति, सास और बेटी सबको नीतीश कुमार की सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है.
1. रूबी देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिले 10,000 रुपये मिले थे. रूबी देवी ने सरकारी मदद से मछली पालन का काम शुरू किया है. रूबी देवी अपने गांव की महिलाओं की प्रेरणास्रोत बन गई हैं. उनके छोटे से तालाब में पल रही मछलियां, परिवार की आय का नया साधन बन गया है.

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