
सिविल इंजीनियरिंग, यूट्यूबर और फिर नेतागीरी... जानिए मनीष कश्यप की पूरी कहानी
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Manish Kashyap News: बिहार में इन दिनों इस बात को लेकर बवाल मचा हुआ है कि तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों पर हमला हुआ या नहीं. मामला सुर्खियों में आया तो नीतीश सरकार ने जांच करवा दी, जिसमें पता चला कि मजदूरों पर कोई हमला नहीं हुआ. इस मामले के बीच मनीष कश्यप नाम का शख्स काफी चर्चा में है. 6 मार्च को यूट्यूबर मनीष सहित 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था.
बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप के कुछ ट्वीट्स के बाद बिहार और तमिलनाडु में बवाल मच गया है. इसके बाद बिहार पुलिस ने यूट्यूबर पर केस दर्ज कर उसके चार बैंक खातों को फ्रीज कर दिया. पुलिस अब मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. दरअसल, मनीष कश्यप ने कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे, और दावा किया था कि तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के खिलाफ हमले हो रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने जांच की और दावा किया कि ऐसा कुछ नहीं है.
बता दें कि मनीष कश्यप का जन्म 9 मार्च 1991 को बिहार के पश्चिम चंपारण के डुमरी महनवा गांव में हुआ. मनीष खुद को 'सन ऑफ बिहार' (Manish Kasyap, Son of Bihar) लिखता है. मनीष का असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है. अपने नाम के पीछे वो 'कश्यप' लगाता है. हालांकि ज्यादातर जगहों पर 'मनीष' लिखता है.
मनीष की शुरुआती शिक्षा गांव से ही हुई. उसने साल 2009 में 12वीं पास की. इसके बाद में महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय से उच्च शिक्षा पूरी हुई. मनीष ने साल 2016 में पुणे की सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में BE किया. इसके दो साल बाद यूट्यूब चैनल बनाकर वीडियो बनाने लगा.
2020 में चुनाव लड़ चुका है मनीष
साल 2020 में बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से त्रिपुरारी उर्फ मनीष ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था. नामांकन के समय चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में मनीष ने बतौर प्रत्याशी अपना नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी बताया है. मनीष की मां मधु गृहणी हैं. वहीं पिता उदित कुमार तिवारी भारतीय सेना में रहे हैं.
मनीष कश्यप पर किस मामले में लटक रही है गिरफ्तारी की तलवार?

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