
सिंघु बॉर्डर हत्याकांड को आंदोलन से जोड़ना गलत, बोले संयुक्त किसान मोर्चा नेता
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सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शनस्थल पर एक सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया है. वहां पर बैरिकेड से एक दलित सिख युवक की लाश लटकती मिली है. मृतक लखबीर सिंह का अंग-भंग है. हत्या का आरोप निहंग सिखों के एक समूह पर लगा है. लखबीर सिंह निहंग सिखों का ही सेवादार था. आरोपों के मुताबिक एक धार्मिक पुस्तक की बेअदबी के आरोपों के चलते उसके साथ ये सुलूक हुआ. इस घटना को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि उनका मृतक और आरोपी निहंग सिखों के साथ कोई संबंध नहीं है. किसान संगठनों ने अपने प्रदर्शनस्थल पर हुई वारदात की जिम्मेदारी नहीं ली है, ऐसे में सवाल है कि लखबीर की हत्या का जिम्मेदार कौन है? इस पर चित्रा त्रिपाठी ने सांसद राजकुमार चाहर से सवाल किया कि क्या सिंघु बॉर्डर कांड पर आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं है?

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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