
सरकारी अधिकारी की पत्नी से रेप का मामला, कोलकाता HC ने आरोपी की जमानत रद्द की
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कोलकाता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सिविल सेवक की पत्नी के कथित रेप के मामले की जांच एक डिप्टी-कमिश्नर लेवल के अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया. साथ ही निचली अदालत द्वारा आरोपी को दी गई जमानत को रद्द कर दिया.
कोलकाता हाईकोर्ट ने अहम फैसले में एक सरकारी अधिकारी की पत्नी के कथित रेप के मामले की जांच को डिप्टी कमिश्नर लेवल अधिकारी को सौंपते हुए, आरोपी की जमानत को रद्द कर दी. कोर्ट ने यह निर्देश पीड़िता की याचिका पर दिया. हाईकोर्ट की बेंच ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को यह भी कहा कि वे उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करें, जिन्होंने मामले में लापरवाही बरती.
सरकारी अधिकारी की पत्नी ने अपने एप्लिकेशन में कहा था कि वह सात घंटे में दो बार अपने आवास पर रेप का शिकार हुई. उनके इस संगीन आरोप के बावजूद उस समय के अधिकारियों ने सिर्फ मामूली छेड़छाड़ की धाराएं लगाई थी. निचली अदालत ने आरोपी को गिरफ्तारी के अगले ही दिन जमानत दे दी. बाद में पीड़िता कोर्ट पहुंची और आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की.
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महिला पुलिस की डिप्टी कमिश्नर करेंगी जांच
जस्टिस राजर्षि भारद्वाज ने आदेश दिया कि इस मामले की जांच महिला पुलिस की डिप्टी-कमिश्नर लेवल अधिकारी से कराई जाए. मसलन, इस आदेश के बाद अब महिला पुलिस की डिप्टी-कमिश्नर मामले की जांच करेंगी. इसके लिए मौजूदा जांच अधिकारी को तीन दिनों के भीतर मामले से संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स और केस डायरी अगली नियुक्त जांच अधिकारी को सौंपने का भी निर्देश दिया है.
पीड़िता के आरोप

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