
सनकी पिता ने रेत दिया शादीशुदा बेटियों का गला, पत्नी और पोते की हालत गंभीर
AajTak
मामूली सी बात पर झगड़ा होने के बाद गुस्साए पिता ने अपनी शादीशुदा दो बेटियों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी. वहीं, पत्नी और पोते पर भी जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर घायल कर दिया है. घटना राजस्थान के नागौर जिले की है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. घटना से गांव में सनसनी फैली है.
राजस्थान के नागौर जिले में एक व्यक्ति ने पत्नी, पोते और शादीशुदा दो बेटियों पर जानलेवा हमला किया. घटना में दोनों बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई. पत्नी और पोते की हालत गंभीर बनी हुई है. उनका अस्पताल में इलाज जारी है. हत्या को अंजाम देने के पहले आरोपी ने बेटे के कमरे की बाहर के कुंडी लगा दी थी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. बताया गया है कि आरोपी मानसिक बीमार है और किसी बात पर झगड़ा होने के बाद उसने यह खौफनाक कदम उठाया.
दरअसल, नागौर जिले के परबतसर थाना क्षेत्र के दिल ढाणी गांव में रहने वाले मानाराम ने सोमवार की रात को अपने परिवार पर जानलेवा हमला किया था. इस घटना में दोनों शादीशुदा बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं, पत्नी और पोता गंभीर हुए. डबल मर्डर की घटना की जानकारी मिलने पर परबतसर थाना अधिकारी विनोद कुमार और एडिशनल एसपी गणेशाराम चौधरी भी मौके पर पहुंचे थे.
पिता ने बाहर से लगा दी थी कुंडी
मानाराम के बेटे हजारी ने पुलिस को बताया था कि सोमवार की शाम को मानसिक बीमार पिता मानाराम का परिवार से मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था. झगड़ा शांत होने के बाद हम सभी सोने चले गए थे. मैं अपने कमरे में जाकर सो गया था. दोनों बहने, मां और बहन का बेटा दूसरे कमरे में सोए हुए थे.
मुझे पता नहीं चला कि कब पिता मानाराम ने मेरे कमरे की कुंडी बाहर से लगा दी. मैं हर रोज सुबह 5 बजे दूध बेचने के लिए जाता हूं. सुबह होने पर जब गेट खोलने की कोशिश की तो नहीं खुला, मैं जोर-जोर से चिल्लाया तब पड़ोसी घर के अंदर आए और दरवाजा खोला.
कर दी बहनों की हत्या, मां और भांजे पर किया था हमला

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







