
'सड़कों पर खून नहीं सूखेगा, जंग के नियम बदल चुके...', गैंगस्टर गोगी शूटआउट के बाद चला धमकियों का दौर, मारा गया टिल्लू ताजपुरिया
AajTak
रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी के शूटआउट के बाद कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी और लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप की तरफ से एक मैसेज वायरल किया गया था. इसमें लिखा था, "नई जंग कि शुरुआत है. जो हमारे साथ नहीं है, अब से अपना सभी ध्यान रखना. अब इस जंग में कोई सुरक्षित नहीं...
''हम चुप बैठे हैं, इसका मतलब ये नहीं कि हम मर गए जल्दी धमाका होगा. सड़कों पर खून नहीं सूखेगा. जंग के नियम बदल चुके हैं...", 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट रूम में हुए दिल दहलाने वाले शूटआउट में दिल्ली के नामी गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या के बाद कुछ इस तरह का बयान सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल थे. जिसमें बदमाशों की गैंग एक-दूसरे पर हमला करने और खून की नदियां बहाने का दावा कर रही थी.
जितेंद्र उर्फ गोगी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कई ऐसे मैसेज वायरल हो रहे थे, जिससे दिल्ली पुलिस के माथे पर शिकन पैदा कर दी थी. कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी और लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप की तरफ से जितेंद्र गोगी की लाश की फोटो के साथ एक मैसेज वायरल किया गया था. इसमें लिखा था, "नई जंग कि शुरुआत है. जो हमारे साथ नहीं है, अब से अपना सभी ध्यान रखना. अब इस जंग में कोई सुरक्षित नहीं. कोई जायज़ हो या नहीं, आज से सड़कों पर ख़ून नहीं सूखेगा. जंग के नियम बदल चुके हैं. नये नियम की पालना करते हुए जो भी मिला जहां भी.....Sopu 100"
दरअसल, गोगी की हत्या दिल्ली में गैंगस्टरों के बीच में होने वाली गैंगवार का नतीजा थी और गोगी की हत्या का आरोप उसके सबसे बड़े दुश्मन सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया पर लगा था. पुलिस की शुरुआती जांच में ये निकलकर सामने आया है कि मंडोली जेल में बंद टिल्लू ने ही गोगी की हत्या की साजिश रची थी और इसी खतरनाक साजिश के तहत उसने अपने गुर्गे उमंग और विनय यादव के पास राहुल और जग्गा नाम के ये शूटर भेजे थे. पुलिस ने इस शूटआउट के बाद उमंग और विनय को भी गिरफ्तार कर लिया था.
इसके अलावा और भी कई संदेश साफ़ थे जो इशारा कर रहे थे कि गोगी की मौत के बाद दिल्ली-एनसीआर में खून खराबा रुकने वाला नहीं है. पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से गोगी की मौत के बाद रातो-रात दिल्ली के तिहाड़ जेल नंबर-1 से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और मंडोली 15 नंबर जेल से गैंगस्टर संपत नेहरा को राजस्थान की जेल में शिफ्ट किया था. संपत नेहरा मंडोली में उसी जेल में बंद था, जहां गोगी की मौत का आरोपी टिल्लू ताजपुरिया बंद था.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









