
संचार का साथी या निजी जिंदगी का घुसपैठिया? विपक्ष क्यों बता रहा इसे Pegasus, सरकार की दलील क्या
AajTak
भारत सरकार के दूर संचार मंत्रालय के एक निर्देश से विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गई है. विपक्ष ने स्मार्ट फोन में संचार साथी एप को इंस्टॉल करने के निर्देश को निजता का उल्लंघन और जासूसी की कोशिश बताया है.
'ये पेगासस प्लस प्लस है. बिग ब्रदर हमारे फोन में घुस जाएगा और हमारी पूरी निजी जिंदगी में भी ताक-झांक करेगा.' ये कहना है कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम का. कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल के तेवर और भी तल्ख नजर आए, उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "बिग ब्रदर हम पर नजर नहीं रख सकता. टेलिकॉम मंत्रालय का यह डायरेक्शन पूरी तरह से गैर-कानूनी है. प्राइवेसी का अधिकार, संविधान के आर्टिकल 21 में दिए गए जीवन और आजादी के बुनियादी अधिकार का एक जरूरी हिस्सा है."
कांग्रेस नेताओं की ये आपत्ति केंद्र सरकार के उस फरमान के खिलाफ है. जो उसने मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को दिया है.
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से कहा है कि अब सभी नए स्मार्टफोन के अंदर संचार साथी एप को निश्चित रूप से प्री इंन्स्टॉल करे. केंद्र का दावा है कि उसका यह कदम साइबर ठगी रोकने, चोरी के फोन खोजने, फेक सिम को रोकने और फर्जी IMEI पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है.
क्या है संचार साथी
संचार साथी एक सरकारी एप है. भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित ये मुफ्त एप साइबर सुरक्षा और टेलीकॉम फ्रॉड से निपटने के लिए बनाया गया है. यह 2023 में वेब पोर्टल के रूप में शुरू हुआ था और 17 जनवरी 2025 को एंड्रॉयड व iOS के लिए ऐप के रूप में लॉन्च किया गया. वर्तमान में इसके 5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हैं.
DoT ने 1 दिसंबर 2025 को निर्देश जारी किए कि मार्च 2026 से सभी नए स्मार्टफोन्स में यह ऐप प्री-इंस्टॉल होगा. जहां तक पुराने फोन्स का सवाल है तो इसे सॉफ्टवेयर अपडेट से जोड़ा जाएगा. इस ऐप को अनइंस्टॉल या डिसेबल नहीं किया जा सकेगा. इस एप की मदद से अक्टूबर 2025 में 50,000 से ज्यादा चोरी हुए फोन रिकवर हो चुके हैं.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






