
श्रीलंका के बंदरगाह पर पहुंची भारतीय पनडुब्बी INS Karanj, उससे पहले चीन के जासूसी जहाज को भगाया, जानिए इस पनडुब्बी की ताकत
AajTak
श्रीलंका ने चीन के जासूसी जहाज को अपने बंदरगाह से भगा दिया है. इसके बाद उसने भारतीय नौसेना के पनडुब्बी INS Karanj का स्वागत किया. फिलहाल यह शानदार, धारदार और खतरनाक पनडुब्बी कोलंबो बंदरगाह के पास डॉक की गई है. जबकि, चीन का जासूसी जहाज मालदीव नहीं पहुंच पाया है, जहां उसे जाना था.
चीन ने अपना जासूसी जहाज भेजा कि वो मालदीव जाकर तैनात हो सके. एक बार उसे भारतीय नौसेना के दबाव में वापस जाना पड़ा. दोबारा श्रीलंका में वह डॉक हुआ. लेकिन अपने स्वतंत्रता दिवस से पहले श्रीलंका ने उसे भी भगा दिया. इसके बाद राजधानी कोलंबो के बंदरगाह पर भारतीय नौसेना की पनडुब्बी आईएनएस करंज का स्वागत किया गया.
आशंका है कि चीन का जासूसी जहाज जियांग यांग होंग 3 (Xiang Yang Hong 3) मालदीव्स की राजधानी माले में 8 फरवरी 2024 तक पहुंचेगा. उससे पहले चीन के नजदीकी संबंध रखने वाले श्रीलंका के बंदरगाह पर भारतीय नौसेना ने अपनी खतरनाक पनडुब्बी तैनात कर दी है. आईएनएस करंज एक डीजल इलेक्ट्रिक कलवारी क्लास अटैक सबमरीन है.
यह भी पढ़ें: रूस को उम्मीद... भारत खरीदेगा उसका लेटेस्ट स्टेल्थ फाइटर जेट Su-75... क्या ये PAK को मिले चीनी जेट J-31 को दे पाएगा टक्कर?
यह कलवारी क्लास की पहली पनडुब्बी है जो नौसेना में तैनात की गई थी. 2021 से अब तक देश की सेवा में लगी है. 1615 टन के डिस्प्लेसमेंट वाली इस पनडुब्बी की लंबाई 221 फीट है. बीम 20 फीट है. जबकि ऊंचाई 40 फीट है. इसमें चार डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन लगे हैं जो इसे सतह पर 20 km/hr और पानी के अंदर 37 km/hr की गति देते हैं.
यह अगर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चले तो अधिकतम 12 हजार किलोमीटर तक चल सकती है. अधिकतम 1150 फीट की गहराई तक जा सकती है. यह पानी के अंदर 50 दिनों तक रहने की क्षमता रखती है. इसमें 8 अधिकारी और 35 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं. इसमें एंटी-टॉरपीडो काउंटरमेजर सिस्टम्स लगे हैं.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत अब भी जारी है. गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है. होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं. कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं. त्योहारी सीजन में घरों में भी इसका असर दिख रहा है.

पश्चिम बंगाल की सत्ता की कुर्सी का रास्ता अल्पसंख्यकों मोहल्लों से होकर गुजरता है. और ममता बनर्जी ने इस बात को न सिर्फ समझा है, बल्कि पिछले 15 सालों में इसी से अपनी सत्ता के किले को चुनाव दर चुनाव मजबूत बनाया है. आज जब 2026 के विधानसभा चुनाव करीब हैं, तो ममता का मुस्लिम वोट बैंक पर कब्जा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आता है.

कश्मीर से लेकर हिमाचल तक मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जोजिला पास और गंदरबल इलाके में ताजा बर्फबारी से ट्रैफिक प्रभावित हुआ है, जबकि गुलमर्ग,सोनमर्ग और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात से ठंड फिर लौट आई है. उधर हिमाचल में लाहौल स्पीति, रोहतांग और अटल टनल के आसपास बर्फबारी ने हालात बदल दिए हैं. देखें रिपोर्ट.










