
शिक्षा और स्वास्थ्य... जिन मोर्चों पर घिर रही थी बिहार सरकार, अब दुरुस्त करने में जुटे CM नीतीश
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बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनावी साल में शासन-प्रशासन एक्टिव हो गया है. शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर विपक्ष नीतीश सरकार को घेरने में जुटा था और अब सरकार ने इन विभागों को लेकर दो बड़े फैसले लिए हैं.
बिहार में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं और विपक्षी पार्टियां शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही हैं. चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जनता दल (यूनाइटेड) पर हमला बोलते हुए कहा था कि लालू यादव और नीतीश कुमार ने पूरे समाज को अनपढ़ बना दिया है. इसका नतीजा ये है कि सारे बच्चे मजदूर ही बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि 35 साल से बिहार में लालू और नीतीश कुमार की सरकार है लेकिन यहां टीवी-सीमेंट-स्टील कुछ नहीं बनता है. यहां बस हमारे नौजवानों को मजदूर बनाया जा रहा है.
चुनावी साल में सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर घिरी तो अब शासन-प्रशासन एक्शन में आ गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को दुरुस्त करने में जुट गए हैं. सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को लेकर बड़े ऐलान किए हैं. सूबे के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के मानक फिर से तय किए गए हैं और सरकारी अस्पतालों में बीमार लोगों को सुविधा हो, इसे लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. बिहार सरकार ने शिक्षकों की तैनाती को लेकर नए मानक लागू करने का आदेश जारी कर दिया है.
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बिहार सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम पांच शिक्षकों की तैनाती को अनिवार्य कर दिया है. 121 से 150 छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों में छह शिक्षक तैनात किए जाएंगे और इससे अधिक छात्रों वाले विद्यालयों में प्रत्येक 40 विद्यार्थियों पर एक और शिक्षक की तैनाती की जाएगी. वहीं, कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में प्रधानाचार्य समेत न्यूनतम नौ शिक्षक होंगे. बिहार सरकार ने इन विद्यालयों में छात्र संख्या 105 से अधिक होने की स्थिति में प्रत्येक 35 छात्र पर एक अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी.
अस्पतालों में अब टोकन सिस्टम
चिकित्सा विभाग ने अस्पतालों में लंबी कतार और ओपीडी पर्ची के जरिये धांधली पर नकेल कसने के लिए नया सिस्टम लागू करने का ऐलान कर दिया है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक, पंक्ति प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए नया सिस्टम लागू करने का ऐलान किया.

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