
शादी के 24 घंटे के अंदर ही कपल ने लिया तलाक, वजह सिर्फ इतनी थी
AajTak
महाराष्ट्र के पुणे से हैरानी भरा मामला सामने आया है. जहां शादी के 24 घंटे के अंदर ही कपल अलग हो गया. दोनों ने लव मैरिज की थी और शादी से पहले कपल एक-दूसरे को दो से तीन साल से जानते थे.
पुणे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जहां एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी शादी के सिर्फ 24 घंटे के अंदर ही अलग होने का फैसला कर लिया. शादी के तुरंत बाद दोनों के बीच गंभीर मतभेद सामने आए, जिसके बाद वे कोर्ट पहुंचे और आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म कर ली. इस घटना पर अब देशभर में चर्चा शुरू हो गई है.
एडवोकेट रानी सोनावणे के अनुसार पति और पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद इतने गंभीर थे कि उन्होंने तुरंत शादी खत्म करने का फैसला किया. खास बात यह है कि इस मामले में हिंसा या आपराधिक गलत काम का कोई आरोप नहीं था. दोनों व्यक्तियों ने शांति से कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और आपसी सहमति से शादी खत्म कर ली.
यह भी पढ़ें: तलाक के मामलों में एक साल का 'कूल ऑफ पीरियड' जरूरत नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट
महिला है डॉक्टर
एडवोकेट रानी सोनावणे ने बताया कि शादी के अगले ही दिन से कपल अलग रहने लगे थे. दोनों ने लव मैरिज की थी और शादी से पहले कपल एक-दूसरे को दो से तीन साल से जानते थे. शादी के बाद पति ने पत्नी को बताया कि वह एक जहाज पर काम करता है और वह यह नहीं बता सकता कि उसे कब और कहां पोस्टिंग मिलेगी या वह कितने समय तक बाहर रहेगा.
इसे देखते हुए दोनों ने आपसी सहमति से तय किया कि अलग होना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा. कोर्ट ने ऐसे मामलों में लागू होने वाले सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाया. एडवोकेट सोनावणे ने हैरानी जताई कि शादी से पहले उनके दो साल के रिश्ते के दौरान इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं हुई. आपको बता दें कि महिला पेशे से डॉक्टर है, जबकि लड़का इंजीनियर है और जहाज पर काम करता है.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






