
शशि थरूर कांग्रेस के अब तक के व्यवहार का हिसाब ही नहीं, चुन चुन कर बदला भी ले रहे हैं
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शशि थरूर कांग्रेस के भीतर होते हुए भी देश की राजनीति में अपनी अलग शख्सियत और अहमियत रखते हैं. मुश्किल ये है कि न तो कभी कांग्रेस उनको तवज्जो देती है, न वो किसी की परवाह करते हैं. हाल फिलहाल जो भी हो रहा है, वो भी इसी टकराव का नतीजा है.
शशि थरूर हैं तो कांग्रेस में ही, लेकिन किसी ऐसी छोर पर जो बाकियों से बहुत दूर होती है. ऐसे में कांग्रेस नेताओं की निगाह हमेशा टिकी रहती है. कुछ कांग्रेस नेता ऐसे भी होंगे, शशि थरूर जिनकी आंखों की किरकिरी बने हुए होंगे. हो सकता है, राहुल गांधी के साथ ऐसा न हो - लेकिन उनको भी तो अपने नजदीकी सलाहकारों की बात सुननी ही होती है.
अभी तक शशि थरूर ने खुद कभी नहीं कहा कि वो कांग्रेस छोड़ सकते हैं. लेकिन, तंग आकर एक मलयालम पॉडकास्ट में ये जरूर बोल दिया था कि उनके पास काम की कमी नहीं है. हालांकि, ऐसे कामों की सूची में वो राजनीति की जगह अपनी किताबों और लेक्चर देने के निमंत्रण का ही जिक्र किया था. वो भी बड़ी संजीदगी से.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर ताजा विवाद शुरू हुआ पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ विदेश दौरे पर जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में उनका नाम शामिल किये जाने पर. जैसे ही प्रेस रिलीज आई, शशि थरूर ने स्वागत करते हुए गर्व का इजहार कर दिया. कांग्रेस को लगा कि जो नाम भेजे, उसे छोड़कर शशि थरूर को ले लिया गया. कांग्रेस नेता बवाल करने लगे. बाद में केंद्र सरकार ने कांग्रेस की सूची से आनंद शर्मा को भी शामिल कर लिया.
केरल सरकार की तरफ से तुर्किए को 2023 में दी गई 10 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद पर तो बवाल मचा ही हुआ था, शशि थरूर ने सोशल साइट एक्स ऐसी बात लिख डाली कि कांग्रेस में उनके सारे विरोधी परेशान हो उठें. शशि थरूर ने लिखा, 'सितंबर, 2016 में पहली बार भारत ने एक आतंकी लॉन्च पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए एलओसी को पार किया था... उससे पहले भारत ने ऐसा पहले कभी नहीं किया.'
एक पोस्ट में शशि थरूर ने ये भी साफ कर दिया था कि उनको किसी की परवाह भी नहीं है, 'हमेशा की तरह, आलोचकों और ट्रोल्स ने मेरे विचारों और शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जिसका स्वागत है... सच में मेरे पास करने के लिए बेहतर काम हैं.'
अब कांग्रेस की तरफ से शशि थरूर पर लगातार हमला बोला जा रहा है. उदित राज को भी काम मिल गया है, वो तो शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बता चुके हैं. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अब शशि थरूर की 2018 में आई किताब 'द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर' का एक पेज शेयर करके उनको एक्सपोज करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बीजेपी समझ जाये कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में क्या सोच रखते हैं.

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