
शरद पवार के बाद कौन संभालेगा NCP का सियासी ताज? अजित पवार-सुप्रिया सुले किसे मिलेगी जिम्मेदारी?
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लगभग दो हफ्ते गुजरे हैं शरद पवार की बेटी और कद्दावर नेता सुप्रिया सुले ने कहा था कि 15 दिनों के अंदर दो सियासी धमाके होने वाले हैं. शरद पवार की आज की घोषणा ने सुप्रिया सुले के बयान पर मुहर लगा दी है. लेकिन अब सवाल ये है कि शरद पवार के बतौर पार्टी अध्यक्ष इस्तीफा देने के बाद एनसीपी का अगला बॉस कौन बनेगा?
2024 आम चुनाव से पहले एनसीपी बॉस शरद पवार ने एक सियासी गुगली फेंकते हुए दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक सनसनी मचा दी है. महाराष्ट्र और देश की की राजनीति के बड़े शख्सियत शरद पवार ने बाउंसर फेंकते हुए कहा है कि वे पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं. मुंबई में अपनी आत्मकथा विमोचन के दौरान शरद पवार ने कहा कि, 'मेरे साथियों, भले ही मैं अध्यक्ष पद से हट रहा हूं, लेकिन मैं सार्वजनिक जीवन से रिटायर नहीं हो रहा हूं. 'निरंतर यात्रा' मेरे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है. मैं सार्वजनिक कार्यक्रमों, बैठकों में भाग लेता रहूंगा. चाहे मैं पुणे, मुंबई, बारामती, दिल्ली या भारत के किसी भी हिस्से में रहूं, मैं हमेशा की तरह आप सभी के लिए उपलब्ध रहूंगा. मैं लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए चौबीसों घंटे काम करता रहूंगा.
शरद पवार का ये बयान हमें उनकी बेटी सुप्रिया सुले के उस बयान का याद दिलाती है जो उन्होंने 19 अप्रैल को दिया था. सुप्रिया सुले ने कहा था कि अगले 15 दिनों में होंगे दो राजनीतिक ‘धमाके’ होंगे. निश्चित रूप से सुप्रिया सुले का संकेत इसी ओर था. हालांकि उनका दूसरा कथित 'धमाका' अभी भी भविष्य में छिपा हुआ है.
शरद पवार ने नहीं बताया है NCP का Succession plan
82 साल के शरद पवार ने अपनी पार्टी का (Succession plan) उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है. इसलिए उनकी इस घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आगे एनसीपी का ताज कौन संभालेंगा. एनसीपी के उत्तराधिकारियों में 2 नाम सामने आते हैं. पहला नाम है उनकी बेटी सुप्रिया सुले और दूसरा नाम है उनके भतीजे अजित पवार.
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हाल फिलहाल में महाराष्ट्र की राजनीति में इस बात की चर्चा जोरों से थी कि अजित पवार बीजेपी के साथ शामिल होकर गठबंधन में शामिल हो सकते हैं. अजित पवार 2019 में एक अभूतपूर्व राजनीतिक घटनाक्रम में देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार में शामिल हो भी चुके हैं. एनसीपी के नेता अजित पवार के इस मूव पर असमंजस में हैं और वे कुछ नहीं कह पा रहे हैं.

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