
वोटिंग के बाद की रणनीति के लिए आज INDIA ब्लॉक की बैठक, ममता, स्टालिन ने बनाई दूरी, केजरीवाल होंगे शामिल
AajTak
2024 के आम चुनावों की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आज शाम को इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी. इस बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंचेंगे.
विपक्षी INDIA ब्लॉक के घटक दलों के नेता लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन का आकलन करने के साथ-साथ चुनाव परिणाम से पहले अपनी रणनीति बनाने के लिए आज एक बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी शिरकत करेंगे, जिन्हें 2 जून को सरेंडर करना है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे.
आज शाम को कांग्रेस अध्यक्ष एम खड़गे के घर होने वाली इस अहम बैठक में केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान और आप सांसद संजय सिंह के साथ शामिल होंगे. पंजाब में मतदान प्रक्रिया का जिम्मा संभालने के बाद सीएम मान दिल्ली पहुंचेंगे. हालांकि, मतदान में अपने शीर्ष नेताओं की व्यस्तता के चलते तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेगी.
उनके अलावा तमिलनाडु के सीएम स्टालिन भी बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगे और उनकी जगह आज टीआर बालू बैठक में हिस्सा लेंगे.
यह भी पढ़ें: INDIA गठबंधन जीता तो क्या खड़गे बनेंगे पीएम? कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया ये जवाब
प्रदर्शन पर होगी चर्चा
बैठक के दौरान विपक्षी नेता चुनाव नतीजों से पहले अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे और सात चरण के चुनावों में अपने प्रदर्शन का भी आकलन करेंगे. विपक्षी गठबंधन दावा कर रहा है कि वह भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को केंद्र में सत्ता में लौटने से रोकने और अपनी खुद की सरकार बनाने में सफल रहेगा.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










