
वॉट्सएप पर मिली जान से मारने की धमकी, सुरक्षा मांगी तो घर के बाहर तैनात कीं 2 निहत्थी महिला होमगार्ड
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कानपुर में दावते इस्लाम संस्था पर सवाल उठाने वाले सूफी खानकाह एसोसिएशन के अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी दी गई. यह धमकी उन्हें पाकिस्तानी नंबरों से आए कॉल पर मिली. अध्यक्ष ने मामले की शिकायत पुलिस से की और सुरक्षा की मांग की तो पुलिस ने उनके घर के बाहर दो निहत्थी महिला होमगार्ड की तैनाती कर दी.
उत्तर प्रदेश के कानपुर (UP Kanpur) में सूफी खानकाह एसोसिएशन के अध्यक्ष को पाकिस्तान के नंबरों से जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. धमकी मिलने के बाद अध्यक्ष ने पुलिस से मामले की शिकायत कर सुरक्षा की मांग की, जिसके बाद कानपुर पुलिस ने एसोसिएशन के अध्यक्ष के घर के बाहर निहत्थी दो महिला होमगार्ड की तैनाती कर दी है. बता दें कि दावते इस्लाम और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को लेकर सूफी कौसर हमेशा सवाल उठाते रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, कानपुर के जूही परमपुरवा में सूफी खानकाह एसोसिएशन के अध्यक्ष कौसर हसन मजीदी ने दावते इस्लाम संस्था और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों पर कई गंभीर सवाल उठाए थे. इसके बाद उन्हें पाकिस्तानी नंबरों से कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई. धमकी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की और सुरक्षा की मांग की. पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने धमकी मिलने की FIR दर्ज कर उन्हें सुरक्षा देने का दावा किया था. पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने कहा कि सूफी कौसर को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिली थी, उन नंबरों को जांच के लिए साइबर सेल को दिया गया है. उन्होंने सुरक्षा मांगी थी और उनके घर पर सुरक्षा तैनात कर दी है.
सूफी कौसर मजीदी पिछले एक साल से कानपुर में दावते इस्लाम के विरोध में मुहिम चला रहे हैं. उन्होंने दावते इस्लाम के मुस्लिम क्षेत्रों में चंदे के लिए लगाए गए डिब्बों का विरोध किया था. इसके बाद उनको धमकी मिली थी. पहले इस धमकी को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई, लेकिन जब से उदयपुर की घटना के आरोपी के दावते इस्लाम से जुड़े होने की बात सामने आई है, तब से कौसर हसन मजीदी घबराए हुए हैं.
इसके बाद उन्होंने एक जुलाई को पुलिस कमिश्नर से मिलकर सुरक्षा की मांग की, लेकिन सुरक्षा में निहत्थी दो महिला होमगार्ड मिलने पर खुद सूफी हैरान हैं. सूफी खानकाह एसोसिएशन के अध्यक्ष कौसर हसन मजीदी ने कहा कि मैंने कमिश्नर साहब से सुरक्षा ामांगी थी, लेकिन दो महिला होमगार्ड मेरे घर के बाहर तैनात हैं, ये क्यों है, किसी ने मुझे नहीं बताया. उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस की वर्दी में ही आतंकी हमला कर देते हैं.

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