
'वे चार दिन और सत्ता में रहना चाहते हैं', हरियाणा चुनाव की तारीख बदले जाने पर विपक्ष का BJP पर निशाना
AajTak
हरियाणा में अब 1 अक्टूबर की जगह 5 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होगा. जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनावों की मतगणना अब 4 अक्टूबर की बजाय 8 अक्टूबर को होगी. चुनाव आयोग के इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है.
चुनाव आयोग ने शनिवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख 1 अक्टूबर से बढ़ाकर 5 अक्टूबर कर दी. आयोग ने कहा कि यह फैसला बिश्नोई समुदाय के सदियों पुराने त्योहार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनावों की मतगणना अब 4 अक्टूबर की बजाय 8 अक्टूबर को होगी. बीजेपी-INLD ने भी आयोग से तारीख बदलने की मांग की थी. वहीं कांग्रेस, जेजेपी और आप जैसी पार्टियों ने तारीख बदलने पर ऐतराज किया था.
अब आयोग के इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. इस क्रम में कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह चुनाव आयोग का अधिकार है, उन्होंने तारीख आगे बढ़ाई है. वे (बीजेपी) हरियाणा में हार स्वीकार कर चुके हैं. जब हरियाणा सरकार ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा था, तो मैंने उसी समय कहा था कि चुनाव आयोग को चुनाव की तारीख आगे बढ़ानी चाहिए.
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा, "मैं चुनाव आयोग को उनके फैसले के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. हमारे प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल कौशिक ने एक समस्या के संबंध में चुनाव आयोग को पत्र लिखा था कि 29, 30 सितंबर और 1, 2 अक्टूबर को लगातार छुट्टियां हैं. हमने चिंता व्यक्त की कि इससे मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है. लोग छुट्टियों या छुट्टियों पर जा सकते हैं. अन्य दलों ने भी इस पर चिंता व्यक्त की. मैं चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इस पर विचार किया."
तारीख बदलने के फैसले पर हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा, "हम इसका स्वागत करते हैं. इससे साफ पता चलता है कि भाजपा अपनी हार से बचने के लिए ये सारे हथकंडे अपना रही है. तारीख बदलने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि जनता ने उन्हें हराने का मन बना लिया है."
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा,"चुनाव आयोग पर भाजपा का कब्जा है. लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है और भाजपा हर चुनाव हारेगी."
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा, "क्या चुनाव आयोग को उस समय पता नहीं था कि कोई त्यौहार है? वे सब कुछ विचार करने के बाद अंतिम तिथि की घोषणा करते हैं. वे चुनावों को संदिग्ध बना रहे हैं."

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.







