
वीजा बंदी, भारत में अवैध एंट्री और दर्दनाक मौत... ऐसे रेत में दफन हो गई दो पाकिस्तानी नागरिकों की मोहब्बत
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पाकिस्तान के रवि और शांति ने सरहद पार मोहब्बत की एक मिसाल कायम करने की कोशिश की, लेकिन वीजा न मिलने पर दोनों गैरकानूनी तरीके से भारत पहुंचे. तपते रेगिस्तान में पानी की बूंद-बूंद को तरसते हुए दोनों की मौत हो गई. यह कहानी मोहब्बत के नाम पर खड़े उन रिश्तों को आईना दिखाती है, जो खून से सने हैं.
Pakistani Couple Dies in Rajasthan Desert: सरहद पार से दिल दहला देने वाली एक कहानी सामने आई है. चार महीने पहले दो पाकिस्तानी नागरिक रवि और शांति शादी के बंधन में बंधे थे. शादी के बाद के शांति ने रवि से भारत चलने के लिए कहा, ताकि वो वहां रहने वाले उसके रिश्तेदारों से मिल सके. रवि शांति को भारत ले जाने का वादा कर लेता है. मगर इसी बीच पहलगाम में आतंकी हमला होता है और पाकिस्तानियों को वीजा देने पर रोक लगा दी जाती है. मगर रवि ने शांति से वादा किया था, तो उसे जाना ही था. लिहाजा, रवि सरहद पर तार के नीचे से निकलता है और रेगिस्तानी रास्ते से जैसलमेर के लिए निकलता है.
नफरत की बुनियाद पर खींची सरहद की लकीर को दो परवाने मोहब्बत से पार करने के लिए घर से निकले थे. सफर लंबा भी था और अनजान भी. ऊपर से रास्ता भूल भुलैया वाला. चारों तरफ दूर दूर तक सिर्फ रेत, रेत के दिखते छुपते टीले. रेगिस्तान की तपिश ऐसी कि आग उगलते सूरज के नीचे बिना चूल्हा जलाए खाना बन जाए. तपते जून के महीने में आग के इसी रेतीले दरिया को पार करने के लिए दो सिरफिरे पाकिस्तान से भारत के सफर पर निकल पड़े थे.
मोहब्बत के इन दीवानों को ये पता ही नहीं था कि इंसान की बनाई इस सरहद को लांघने के लिए इंसान के ही बनाए कुछ जरूरी कागजों की जरूरत होती है, जिसे हम और आप वीजा कहते हैं. नतीजा ये कि मंजिल पर पहुंचने से पहले ही प्यास ने मोहब्बत का गला घोंट दिया. पाकिस्तान से भारत के सफर पर निकलने से पहले 18 साल के रवि कुमार और 15 साल की शांति बाई ठीक ठाक थे. रेगिस्तान में प्यासे तड़प तड़प कर जब दोनों ने दम तोड़ा तो दोनों कुछ अलग ही दिख रहे थे.
ये कहानी है सिर्फ चार महीने पहले नए नए दूल्हा दुल्हन बने दो पाकिस्तानी नागरिकों रवि और शांति की. कहानी अफसोसनाक है लेकिन कहीं ना कहीं इनकी मोहब्बत भरी दास्तान हाल के वक्त की कुछ दास्तानों के बावजूद मोहब्बत पर और ज्यादा यकीन पैदा कर जाती है. हाल के वक्त कुछ ऐसे चेहरे हैं जो अचानक देश के अलग अलग शहरों से उभर कर हम सबके सामने आए थे. ये तमाम चेहरे किसी ना किसी पति या पत्नी की है. वो पति-पत्नी जिन्होंने अपने हाथों अपने पति या अपनी पत्नी का कत्ल किया. कमाल ये है कि ये सभी कत्ल मोहब्बत के नाम पर किए गए. अब इन्हें कौन समझाए कि मोहब्बत को तो नफरत से भी मोहब्बत है. बेचारी मोहब्बत भी सोचती होगी कि ऐसे पति पत्नियों की वजह से ख्वामाखां उसे यानि खुद मोहब्बत को बदनाम किया जा रहा है. रवि और शांति की कहानी ऐसे तमाम पति-पत्नियों के लिए एक सबक है.
बात 28 जून की है. जैसलमेर के करीब भारत पाकिस्तान सरहद के करीब 12 किलोमीटर अंदर रेगिस्तान से एक चरवाहा गुजर रहा था. अचानक उसकी नजर साधेवाला गांव के करीब 2 लाशों पर पड़ती है. एक लाश लड़के की थी और दूसरी लड़की की. दोनों लाशों को देखकर साफ पता चल रहा था कि इनकी मौत की दिन पहले हो चुकी है. जिस्म काला पड़ चुका था. दोनों के चेहरे पर पानी का खाली जरिकन रखा हुआ था. एक जरिकन में करीब 5 लीटर पानी आता है. जिस जगह पर इन दोनों की लाश मिली वहां इन दिनों तापमान 50 डिग्री से भी ऊपर है. ऊपर से गर्म रेत. चरवाहे ने फौरन लाश की खबर भारत पाक बॉर्डर पर मौजूद तनोट पुलिस स्टेशन को दी.
लाश के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन और दो आईडी कार्ड भी बरामद किए. फोन सैमसंग का था और सिम पाकिस्तान का. दोनों आईडी भी पाकिस्तान के ही थे. इस आईडी से ये पता चला कि दोनों लाशे पाकिस्तानी नागरिकों की हैं. आईडी कार्ड पर दोनों के नाम भी लिखे थे. पर इसके अलावा लाश के आसपास से और कोई भी चीज बरामद नहीं हुई.

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