
विजय शाह, रामगोपाल यादव के बाद जगदीश देवड़ा के बिगड़े बोल... MP से UP तक, सेना के अपमान पर मचा घमासान
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भारतीय सेना की बहादुरी और विशेषकर महिला अफसरों के साहस ने देश को गर्वित किया है, लेकिन हाल ही में उनकी भूमिका राजनीति के विवादों में फंस गई है. मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश तक, जाति-आधारित विवाद ने सेना का सम्मान ठेस पहुंचाई है. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, न्यायपालिका से निष्पक्ष जांच की उम्मीद है. देश की वीरांगनाओं के नाम पर राजनीति बंद कर सभी को सैन्य सम्मान बनाए रखने और एकजुट होकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.
यह गर्व की बात है कि हिंदुस्तान की सेना के पराक्रम के आगे दुश्मन चारों खाने चित्त हो गया. लेकिन यह अफसोस की बात है कि उसी शौर्य के नाम पर सियासत हो रही है. यह अभिमान की बात है कि भारतीय सेना की अफसर बेटियों ने दुश्मनों को सबक सिखाया है. लेकिन यह निराशाजनक है कि देश में उन्हीं वीरांगनाओं के नाम पर घटिया राजनीतिक बयानबाजी चल रही है.
पहले कर्नल सोफिया को लेकर बयानबाजी हुई. फिर विंग कमांडर व्योमिका के लिए जाति सूचक शब्द कहे गए. और अब आरोप है कि मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने पूरी सेना से ही प्रधानमंत्री के चरणों में नमन करा दिया. हालांकि जगदीश देवड़ा अब सफाई दे रहे हैं और अपने कहे का असली निहितार्थ समझा रहे हैं. लेकिन राजनीति ने मौका तलाश लिया. भोपाल में दिन भर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया कि मंत्री विजय शाह को बर्खास्त किया जाए. हालांकि सीएम मोहन यादव ने कह दिया है कि मामला कोर्ट में है तो कोर्ट से ही फैसला होगा. यानी फिलहाल विजय शाह की कुर्सी सलामत है.
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई
उधर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई तो हाईकोर्ट का आदेश जमा किया गया. विजय शाह ने दूसरे दिन सुनवाई का अनुरोध किया. इसी बीच दो और हस्तक्षेप याचिकाएं डाली गईं जिनमें एक याचिका में कहा गया है कि विजय शाह पर दर्ज मुकदमे में लगी धारा के हिसाब से मंत्री ने संप्रभुता के खिलाफ बयान देकर अपनी शपथ का भी उल्लंघन किया है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इन सभी अर्जियों पर सुनवाई करेगा.
रामगोपाल यादव के बयान पर यूपी में घमासान
लेकिन इस बीच राजनीति उत्तर प्रदेश में भी हो रही है. विश्व हिंदू परिषद ने समाजवादी पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव के विरुद्ध थाने में शिकायत देकर मुकदमे की मांग की है. बीजेपी से लेकर बीएसपी तक ने रामगोपाल यादव के बयान को दलित विरोधी और विंग कमांडर व्योमिका के खिलाफ अपमानजनक बयान माना है. सभी पक्ष के अपने दावे, अपने आरोप, अपनी सफाई है. वो सब आपको सुनाएंगे. लेकिन पहले यह रिपोर्ट देख लेते हैं.

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