
लॉ स्टूडेंट गौरी की कहानी... जिसे एक तरफा प्यार में काट कर मार डाला
AajTak
लखनऊ में 19 साल की लॉ स्टूडेंट घर से निकली और फिर गायब हो गई. फिर अगले दिन बोरियों में उसके कटे हुए अंग मिले. कौन थी वो लड़की, क्या था या पूरा मामला? चलिए जानते हैं एकतरफा प्यार की वो कहानी जिसमें एक सिरफिरे आशिक ने लड़की को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया....
कहानी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की. यहां अमीनाबाद इलाके में एक लड़की रहती थी. नाम था गौरी श्रीवास्तव. 19 साल की गौरी लॉ स्टूडेंट थी. स्वभाव से वह काफी खुशमिजाज और खुले विचारों की सोच रखने वाली एक मॉडर्न लड़की थी. पिता शिशिर श्रीवास्तव की अमीनाबाद में ही एक दुकान है जिसमें वह इंटीरियर डेकोरेशन का सामान बेचते हैं.
वहीं, गौरी की मां तृप्ति श्रीवास्तव एक हाउसवाइफ हैं. गौरी अपने माता-पिता की एकलौती बेटी थी. परिवार काफी खुश रहता था. लेकिन 1 फरवरी 2015 के दिन इस परिवार में ऐसा कुछ हुआ जिसकी कल्पना तृप्ति और शिशिर ने कभी नहीं की होगी.
दरअसल, 1 फरवरी 2015 के दिन गौरी दोपहर के साढ़े बारह बजे अपने पिता की जैकेट को ड्राइक्लीनिंग करवाने के लिए घर से निकली. गौरी ने मां को कहा कि उसे मंदिर भी जाना है. इसलिए ड्राइक्लीनिंग के बाद वह सीधे मंदिर जाएगी. फिर घर लौटेगी.
इसके बाद गौरी ने दुकान में पिता की जैकेट ड्राइक्लीनिंग के दी. फिर वहां से निकल पड़ी. उस दौरान उसके कई जानने वालों ने भी उसे देखा था. लेकिन उन्हें भी नहीं पता था कि वे गौरी को अंतिम बार देख रहे हैं.
शाम के चार बज गए थे लेकिन गौरी घर नहीं लौटी, तो मां को चिंता होने लगी. उन्होंने गौरी को फोन किया. लेकिन बेटी ने फोन नहीं उठाया. इसके बाद मां ने कई बार उसे फोन लगाया. लेकिन गौरी ने एक बार भी फोन नहीं उठाया. तो परेशान होकर उन्होंने गौरी के पिता को फोन किया और बताया कि बेटी अब तक घर नहीं लौटी है और न ही फोन उठा रही है.
पिता ने भी फिर गौरी को फोन लगाना शुरू किया. कई बार फोन लगाने के बाद एक लड़के ने फोन उठाया. उसने कहा कि आप टेंशन मत लो. गौरी रात तक वापस लौट आएगी. पिता ने दोबारा फोन किया तो लड़के ने फिर वही बात कही. उन्होंने कहा कि गौरी से बात करवाओ. तो लड़के ने फोन काट दिया.

पुणे शहर में एक गंभीर सड़क हादसा उस समय हुआ जब एक नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए अपना संतुलन खो दिया. दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वाहन सीधे सड़क किनारे लगे दुकानों से टकराता दिख रहा है. जोरदार टक्कर की वजह से दुकानों के शटर, सामान और ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है.

रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.

इंदौर के सर्राफा बाजार में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते लेकर घिसटकर चलता मांगीलाल जिसे भी दिखाई देता, वह सहानुभूति में उसे पैसे दे देता. लेकिन यही मांगीलाल तीन पक्के मकानों, तीन ऑटो और एक डिजायर कार का मालिक है. इतना ही नहीं, वह लोगों को ब्याज पर पैसा भी देता था. इस खुलासे ने सबको चौंका दिया.

बेंगलुरु में रोड रेज की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. सड़क पर मामूली बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. इसी दौरान एक युवक अचानक अपना आपा खो बैठा और उसने सड़क पर ही चाकू निकाल लिया. आरोपी गुस्से में चाकू लहराते हुए सामने वाले को धमकाने लगा. वह सड़क पर खुलेआम हथियार दिखाकर डराने की कोशिश करता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने लगे. वीडियो में आरोपी का आक्रामक रवैया और चाकू लहराने की हरकत साफ तौर पर देखी जा सकती है फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

देश के अलग-अलग राज्यों से आग की भयावह घटनाएं सामने आई हैं, जिसने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गुजरात के खेड़ा जिले में भोपाल जा रहे एक कंटेनर ट्रक में अचानक आग लग गई, जिसमें मारुति कंपनी की 8 नई कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल नष्ट हो गया. झारखंड के रामगढ़ जिले में देर रात बोरा फैक्ट्री में आग लगने से फैक्ट्री पूरी तरह खाक हो गई, आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा. वहीं जयपुर–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर और ट्रेलर की टक्कर के बाद केमिकल से भरे टैंकर में आग भड़क उठी, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई. वहीं रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भीषण आग लग गई, जहां भंडार कक्ष में रखी कई अहम फाइलें जलकर खाक हो गईं. राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है.








