
लुधियाना गैस लीक हादसा: बिहार के रहने वाले एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, CM नीतीश ने 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
AajTak
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लुधियाना जहरीली गैस लीक हादसे में मरे राज्य के लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजे देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को यह राशि दी जाएगी.
पंजाब के लुधियाना में रविवार को हुए गैस हादसे में बिहार के गया जिले के रहनेवाले एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत से मातम पसरा हुआ है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहरीली गैस लीक से हुई मौत की घटना को अत्यंत दुखद बताया है. साथ ही इन मौतों पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.
जानकारी के मुताबिक, गया के कोच प्रखंड के आतीं थाना इलाके के धनु बीघा गांव के रहने वाले कविलास यादव, उनकी पत्नी समेत 3 बच्चों की मौत लुधियाना जिले के ग्यासपुरा में गैस रिसाव में हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया है. डॉक्टर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है.
मृतक के परिजन ने बताया, सुबह 6 बजे हम लोगों को सूचना मिली कि कविलास के पूरे परिवार की मौत हो गई है. कविलास यादव पत्नी और बच्चों के साथ पिछले 20 वर्षों से पंजाब के लुधियाना में रह रहे थे. पिछले महीने ही वह अपने पत्नी बच्चों सहित गांव आए थे और सभी लोगों से मिलजुल कर गए थे.
गौरतलब है कि पंजाब में लुधियाना जिले के घनी आबादी वाले ग्यासपुरा इलाके में रविवार को कथित तौर पर जहरीली गैस के रिसाव के कारण तीन बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई. जबकि 4 अन्य बीमार पड़ गए.
पंजाब सरकार ने घटना की जांच मजिस्ट्रेट से कराने के आदेश दे दिए गए हैं. जबकि लुधियाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मौके पर पहुंची राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) टीम के सेंसर में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के उच्च स्तर का पता चला है और इसी गैस के कारण घटना घटित होने की संभावना जताई जा रही है.
(रिपोर्ट: पंकज कुमार)

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









